



आजमगढ़। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी करने तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में हुई नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का उल्लंघन किया गया है, जिससे आरक्षित वर्गों के हजारों पद प्रभावित हुए हैं।
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश के 22 विभागों में हुई 93,809 नियुक्तियों में आरक्षण के हजारों पदों का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जारी पुस्तक में विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार प्रहार हो रहा है। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से स्थायी नौकरियों को कम कर रही है, जिससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
प्रेस वार्ता में यह भी घोषणा की गई कि समाजवादी पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को आरक्षण, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों की जानकारी देंगे तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता के सहयोग से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का प्रयास किया जाएगा और सामाजिक न्याय की नीतियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, एमएलसी शाह आलम गुड्डू जमाली, विधायक डॉ. संग्राम यादव, नफीस अहमद, डॉ. एम. सिंह पटेल, जयराम सिंह पटेल, अजीत कुमार राव, लल्लन चौहान, बबीता चौहान, देवनाथ साहू, कुणाल मौर्य, जी.एस. प्रियदर्शी, संतोष कुमार गौतम, विवेक सिंह, विनीत राय, दिनेश विश्वकर्मा, इंजी. अभिषेक यादव, पप्पू यादव (जिला पंचायत सदस्य), हंसराज, प्रदीप यादव सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
