
आजमगढ़। शासन की प्राथमिकता वाली जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान न किए जाने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद स्तर पर हुई समीक्षा में खराब प्रगति पाए जाने पर नौ ब्लॉकों के कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) एवं ब्लॉक लेखा प्रबंधक (बीएएम) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित कर्मियों का जून 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों से तीन कार्यदिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा कार्य में अपेक्षित सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई के साथ संविदा सेवा समाप्ति की संस्तुति भी की जा सकती है।
समीक्षा में सामने आया कि जनपद में कुल 7,762 संस्थागत प्रसवों के सापेक्ष केवल 4,794 लाभार्थियों को ही भुगतान किया गया है, जो मात्र 61.80 प्रतिशत है। भुगतान में इस शिथिलता के कारण प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है।
सबसे खराब प्रदर्शन राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ का पाया गया, जहां 511 संस्थागत प्रसवों के मुकाबले केवल 56 लाभार्थियों को भुगतान किया गया, जो मात्र 10.96 प्रतिशत है। इसके अलावा मार्टीनगंज, अतरौलिया, फूलपुर, 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज, पवई, तरवां, सठियांव, अज़मतगढ़ और बिलरियागंज का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा। वहीं कोयलसा, मिर्जापुर और तहबरपुर ब्लॉकों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए संतोषजनक प्रगति दर्ज की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को समय से भुगतान उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसकी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर की जाती है। इसके बावजूद भुगतान को लंबित रखना घोर लापरवाही और शासकीय दायित्वों की अवहेलना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित भुगतान प्रकरणों का तत्काल निस्तारण कर युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
