झमाझम बारिश से आजमगढ़ को मिली राहत, भीषण गर्मी से लोगों ने ली राहत की सांस

Uncategorized

आजमगढ़। पिछले कई दिनों से मानसून के आगमन को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर बुधवार की शाम आखिरकार विराम लग गया। दोपहर बाद अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और करीब तीन बजे के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश के चलते पिछले लगभग दो महीनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम के बदले मिजाज ने जहां आम जनजीवन को राहत पहुंचाई, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे।
बारिश शुरू होते ही शहर की सड़कों पर भागदौड़ का माहौल बन गया। बाजारों में खरीदारी कर रहे लोग दुकानों और छज्जों के नीचे शरण लेते दिखाई दिए। कई स्थानों पर कुछ ही देर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। शहर के निचले इलाकों, गड्ढायुक्त सड़कों और गांवों के संपर्क मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। लोगों को पानी भरे रास्तों से गुजरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पिछले दो दिनों से जिले में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। कई बार मौसम ने करवट ली, लेकिन शहर समेत अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की बूंदाबांदी या कुछ समय के लिए बारिश ही हुई थी। इसके चलते लोग लगातार मानसून की प्रतीक्षा कर रहे थे। बुधवार की शाम हुई तेज बारिश को लोगों ने इस मौसम की पहली बड़ी बरसात माना। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हुआ है या नहीं, इसको लेकर अभी स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला। धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे किसानों के लिए यह वर्षा किसी वरदान से कम नहीं रही। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। कई किसानों ने बताया कि लंबे समय से बारिश का इंतजार था और इस वर्षा से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
वहीं, गर्मी और उमस से परेशान लोग बारिश का आनंद लेते भी दिखाई दिए। कई युवाओं और बच्चों ने बारिश में भीगकर मौसम का स्वागत किया। लंबे समय बाद मौसम सुहावना होने से लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।
कुल मिलाकर बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहां भीषण गर्मी से राहत देकर लोगों को सुकून पहुंचाया, वहीं किसानों के लिए भी उम्मीदों की नई फुहार लेकर आई। हालांकि जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने इस बारिश को राहत और खुशियों की बरसात बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *