डीजीपी के स्टाफ ऑफिसर पूर्णेंदु सिंह बने आईपीएस, डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्टार लगाकर दी बधाई

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के स्टाफ ऑफिसर पूर्णेंदु सिंह का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन हो गया है। भारत सरकार की 1 जुलाई की अधिसूचना के तहत उन्हें पदोन्नति देकर आईपीएस संवर्ग में शामिल किया गया। इस अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्वयं उनके कंधों पर आईपीएस का स्टार लगाकर शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पूर्णेंदु सिंह उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 2000 बैच के अधिकारी हैं। वे मूल रूप से जनपद सुल्तानपुर के ग्राम लामा बनकठा, मोतिगरपुर के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राइमरी पाठशाला गोपालपुर बड़ा गांव, केंद्रीय विद्यालय अमहट तथा एमजीएस इंटर कॉलेज, सुल्तानपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। समाजशास्त्र विषय में गोल्ड मेडलिस्ट रहे पूर्णेंदु सिंह ने वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर पुलिस सेवा में प्रवेश किया।
अपने 25 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, गोंडा, फिरोजाबाद, मऊ और मिर्जापुर सहित कई जनपदों में पुलिस क्षेत्राधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात तथा प्रयागराज कुंभ एवं माघ मेले में यातायात और भीड़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा लखनऊ में पुलिस अधीक्षक (यातायात) के रूप में भी उन्होंने लंबे समय तक सफलतापूर्वक कार्य किया।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसा पत्र, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा कुंभ सेवा मेडल, पुलिस महानिदेशक द्वारा कमेंडेशन डिस्क (रजत, स्वर्ण और प्लैटिनम), केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा श्रेष्ठ विवेचक दक्षता पदक सहित 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशंसा पत्र प्राप्त हो चुके हैं। विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी उन्हें सम्मानित किया है।
पूर्णेंदु सिंह खेलों में भी सक्रिय रहे हैं। वे प्रयागराज और आगरा पुलिस जोन फुटबॉल टीम के कप्तान तथा तैराकी में जोन स्तर के चैंपियन रह चुके हैं। वर्ष 2005 की वार्षिक पुलिस परेड में पीएसी बल के ध्वजवाहक तथा लगातार पांच वर्षों तक गणतंत्र दिवस परेड के परेड कमांडर रहने का गौरव भी उन्हें प्राप्त है।
उन्होंने विजिलेंस, पावर कॉर्पोरेशन, इंटेलिजेंस जैसी विशिष्ट इकाइयों में भी कार्य किया है। साथ ही सीबीआई अकादमी, वीआईपी सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, प्रतिष्ठान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। उनके आईपीएस बनने पर पुलिस महकमे और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है।

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