
अतरौलिया। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नवीन परती की जमीन को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त करा दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
जानकारी के अनुसार, तहसील दिवस में गोविंदपुर निवासी कल्पनाथ पुत्र निहोर ने गांव के ही प्रकाश पुत्र पलकधारी, मलखा पुत्र तिलकू निषाद तथा राजेश पुत्र रामधारी पर गाटा संख्या 65 मि. की नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्देश के अनुपालन में नायब तहसीलदार विवेकानंद के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवा दिया। प्रशासन ने कार्रवाई के बाद भूमि को अपने कब्जे में ले लिया।
कार्रवाई से प्रभावित राजेश ने आरोप लगाया कि उन्हें महज आधे घंटे पहले नोटिस दिया गया और उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उनका मकान गिरा दिया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं सहायता समूह से एक लाख रुपये का ऋण लेकर मकान बनवाया था और उनका परिवार करीब 25 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहा था।
पीड़ित अमित निषाद ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने उक्त भूमि को आबादी दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उनका घर गिरा दिया।
उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
आशीष कुमार निषाद की रिपोर्ट
