गांव की नवीन परती भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, सार्वजनिक शौचालय पर जड़ा ताला, भारी संख्या में महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन, जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की मांग

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आजमगढ़। रानी की सराय विकासखंड के सोनवारा गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और गांव की नवीन परती भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल पूनम देवी, शारदा देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि उनकी बस्ती के पास लगभग तीन बीघा नवीन परती भूमि है। इस जमीन का उपयोग वर्षों से गांव के लोग शादी-विवाह, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए करते आ रहे हैं। इसके अलावा बस्ती के बच्चे भी इसी मैदान में खेलते-कूदते हैं। महिलाओं का कहना है कि यह पूरी तरह सरकारी और सार्वजनिक भूमि है, लेकिन कुछ दबंग लोगों ने इस पर अवैध कब्जा कर लिया है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के सिकंदर, महेंद्र, शोभा, रेनू, रोहित, गोविंद समेत अन्य लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। यदि कोई ग्रामीण इस भूमि का उपयोग करने की कोशिश करता है तो उसे डराया-धमकाया जाता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है। इससे गांव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
महिलाओं ने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार ग्राम प्रधान, लेखपाल, कानूनगो और अन्य अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि स्थानीय राजस्व कर्मचारी दूसरे पक्ष के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिससे शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं ग्राम प्रधान भी कार्रवाई कराने में असमर्थता जता रहे हैं।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक भूमि पर बने सामुदायिक शौचालय में ताला लगा दिया गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि शौचालय को तत्काल खुलवाया जाए और ग्रामीणों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि सरकारी जमीन से तत्काल अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाकर कब्जा मुक्त कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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