
आजमगढ़: संगठित अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान में आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गैंगस्टर, भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय की अपराध से अर्जित करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की गगनचुंबी इमारत को धारा 107 बीएनएसएस के तहत कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने पारित किया है। इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी ने फर्जी खतौनी के जरिए जमीनों की ठगी, कूटरचना और अन्य संगठित अपराधों से अर्जित धन से वर्ष 2012 से कोडर अजमतपुर क्षेत्र में जमीन खरीदकर आलीशान इमारत खड़ी की। समय-समय पर इसका विस्तार और नवीनीकरण भी अवैध कमाई से किया गया। यह संपत्ति पांच गाटा संख्या में फैली हुई है।
जांच में यह भी सामने आया कि उक्त इमारत अपराधियों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने का प्रमुख केंद्र बनी हुई थी। राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के मूल्यांकन में इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह ने पुलिस की विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि भवन निर्माण और बैंक ऋण की अदायगी के लिए आरोपी के पास कोई वैध आय का स्रोत नहीं था। इसके बाद धारा 107 बीएनएसएस के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया गया तथा तहसीलदार को संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया।
आरोपी कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय वर्तमान में जेल में निरुद्ध है और प्रशासनिक आधार पर उसे पहले ही अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या, ठगी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न थानों में 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि संगठित अपराध, गैंगस्टरों और भूमाफियाओं के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जनपद में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
