
आजमगढ़। जहानगंज थाना क्षेत्र के टेल्हुवा चकवली ग्रामसभा में सरकारी भूमि विवाद को लेकर अधिवक्ता रामआशीष यादव और उनके पिता गरीब यादव पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने ग्राम प्रधान केदार यादव समेत कई लोगों पर सुनियोजित हमला कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे अधिवक्ता रामआशीष यादव अपने घर के बाहर मुख्य मार्ग पर टहल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान ग्राम प्रधान केदार यादव अपने साथियों के साथ पहुंचे और धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पिता गरीब यादव भी हमले में घायल हो गए। ग्रामीणों ने दोनों को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हुखोर पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मंडलीय चिकित्सालय आजमगढ़ रेफर कर दिया। दोनों का इलाज जारी है।
घायल अधिवक्ता का आरोप है कि विवाद ग्रामसभा की लगभग 14 बीघा सरकारी भूमि को लेकर है। उनका कहना है कि इस भूमि से संबंधित मामला राजस्व परिषद प्रयागराज में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पत्रावली के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है और वह सरकारी भूमि की पैरवी कर रहे हैं। इसी कारण उन पर मुकदमे की पैरवी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना से पहले विवादित सरकारी भूमि पर ईंट रखकर कब्जा करने का प्रयास किया गया था, जिसे डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया था। आरोप है कि पुलिस के लौटने के बाद दोबारा कब्जे का प्रयास हुआ और विरोध करने पर उन पर सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया गया।
घटना के बाद घायल अधिवक्ता की माता ने थाना जहानगंज में लिखित तहरीर देकर ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
