ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही भारी, तीन तहसीलदार समेत छह अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन रोका

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आजमगढ़। लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन अधिकारियों और तीन कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा ने बताया कि अपर आयुक्त (वित्त), राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, वाराणसी मंडल के अनुसार राजस्व परिषद की कुल 866 ऑडिट आपत्तियों में से अब तक 299 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें 237 पूर्व माह तथा 62 वर्तमान माह की आपत्तियां शामिल हैं, जबकि 567 ऑडिट आपत्तियां अभी भी लंबित हैं। वहीं महालेखाकार की 40 ऑडिट आपत्तियों में से 26 का निस्तारण हो चुका है, जबकि 14 आपत्तियां अभी लंबित हैं।
मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 7 जुलाई 2026 तक कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलदार सगड़ी, तहसीलदार लालगंज, तहसीलदार मेहनगर, रामविलास यादव (खनन/आपदा लिपिक), कमरूद्दीन खां (मुख्य राजस्व लेखाकार, कलेक्ट्रेट) तथा मंगल (वेतन लिपिक/ग्रामसभा, कलेक्ट्रेट) का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और समयबद्ध निर्देशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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