
आजमगढ़/बलरामपुर। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के साजूपट्टी गांव निवासी 60 वर्षीय मजदूर दिलीप कुमार की शुक्रवार शाम मंडलीय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह सुबह मजदूरी के लिए घर से निकले थे। दोपहर में उन्होंने फोन कर घर लौटने की बात कही थी, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंचे। बाद में नत्थूपुर गांव के पास वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिले। परिजनों ने हत्या कर शव सड़क किनारे फेंके जाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह दिलीप कुमार मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। दोपहर में उन्होंने फोन पर बताया कि वह वापस घर आ रहे हैं। शाम तक उनके घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोग उनकी तलाश को लेकर चिंतित थे। इसी बीच गांव के एक व्यक्ति ने परिजनों को सूचना दी कि दिलीप नत्थूपुर के पास सड़क किनारे पड़े हैं।
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और दिलीप को घर लेकर आए। घर पहुंचने के बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद परिजन दिलीप को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा
दिलीप की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि दिलीप की हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंका गया है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
