

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की फीस निर्धारित करने की प्रक्रिया के तहत नई विज्ञप्तियां जारी की हैं। चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-4 की ओर से जारी आदेश में फीस नियमन समिति द्वारा संबंधित मेडिकल कॉलेजों के प्रस्ताव और उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर शुल्क का निर्धारण किया गया है।
शासन की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश और फीस निर्धारण के लिए उत्तर प्रदेश निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्था (प्रवेश का विनियमन और फीस का नियतन) अधिनियम, 2006 तथा वर्ष 2008 की नियमावली में निर्धारित व्यवस्था के तहत फीस नियमन समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा की जाती है।
14 अगस्त को हुई फीस नियमन समिति की बैठक
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न निजी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम की फीस निर्धारित करने को लेकर 14 अगस्त 2026 को फीस नियमन समिति की बैठक हुई। बैठक में संबंधित मेडिकल कॉलेजों को सुनवाई का अवसर भी दिया गया। इसके बाद कॉलेजों की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव, अभिलेख और अन्य विवरणों के आधार पर फीस निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की गई।
हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फीस ₹13.60 लाख
जारी विज्ञप्ति में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सीतापुर के एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शिक्षण फीस ₹13,60,690 निर्धारित की गई है। जबकि इसी नाम के हिन्द इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज बाराबंकी की फीस अब 17 लाख 18 हजार 306 रुपए हो गई। जबकि हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फीस 18 लाख 268 रुपए हो गयी। यूनाइटेड इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज की फीस 14 लाख 53 हजार हो गई। बाराबंकी के मेयो इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज की फीस 15 लाख 10 हजार 840 रुपए प्रति वर्ष हो गई। लखनऊ के टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज एंड हॉसपिटल की फीस 18 लाख 90 हजार 847 हो गई। कानपुर के नारायना मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की फीस 14 लाख 50 हजार 10 रुपए हर साल की हो गई। कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज की फीस 16 लाख 460 रुपए हो गई। जबकि रामा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हापुड़ की फीस 15 लाख 10 हजार 110 रुपए हो गई। बरेली के श्री राम मूर्ति स्मारक institute of Medical sciences की फीस 19 लाख 78 हजार 214 रुपए हो गई। रुहेलखंड मेडिकल College and hospital बरेली की फीस 18 लाख 72 हजार 361 रुपए हो गई। बरेली के राजश्री मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की फीस 17 लाख 68 हजार 904 रुपए हो गई। लखनऊ के प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज की फीस 14 लाख 60 हजार 730 रुपए हो गई। सरस्वती मेडिकल कॉलेज उन्नाव की फीस 13 लाख 75 हजार 25 रुपए हो गई। श्री गोरखनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर गोरखपुर की फीस अब 16 लाख 10 हजार 100 रुपए हो गई। कानपुर के बीएस कुशवाहा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज की फीस अब 16 लाख 4 हजार 740 रुपए हो गई। लखनऊ के सरदार पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड हेल्थ साइंसेज की फीस 15 लाख 99 हजार 973 रुपए हो गई।
शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसके अतिरिक्त छात्रावास शुल्क, वापसी योग्य सिक्योरिटी डिपॉजिट और विविध शुल्क आदि के संबंध में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू व्यवस्था यथावत रहेगी।
इसी तरह शासन की विज्ञप्तियों में अन्य मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उन्नाव, राधा गोविंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेरठ, फूलन सिंह मेडिकल कॉलेज, एफएस यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद और सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड हेल्थ साइंसेज, लखनऊ समेत विभिन्न निजी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम की फीस का निर्धारण किया गया है।
अन्य शुल्क पर पुरानी व्यवस्था लागू
आदेश में यह भी कहा गया है कि निर्धारित शिक्षण शुल्क के अलावा छात्रावास शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट (वापसी योग्य) और विविध शुल्क शैक्षणिक सत्र 2025-26 की भांति ही लागू रहेंगे। यानी इन मदों में नई व्यवस्था लागू करने के बजाय पिछले सत्र में निर्धारित शुल्क व्यवस्था को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल की मिली स्वीकृति
फीस नियमन समिति द्वारा शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद संबंधित शुल्क को अधिसूचित किए जाने के लिए राज्यपाल की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-4 के उप सचिव हरीश कुमार की ओर से संबंधित कॉलेजों और विभागीय अधिकारियों को विज्ञप्ति भेजी गई है।
शासन ने विज्ञप्तियों को असाधारण गजट के भाग-4, खंड (ख) में प्रकाशित कराने के लिए निदेशक, मुद्रण एवं प्रकाशन, ऐशबाग, लखनऊ को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खास बात यह है कि इस आदेश से निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित शिक्षण शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
