
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र एक गांव में 30 अगस्त को किशोर से अप्राकृतिक दुष्कर्म का वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को पीड़ित किशोर का कोर्ट में बयान होने से पूर्व ही सोमवार की शाम को पीड़ित का अपहरण हो गया। पीड़ित के परिजन ने जब इसकी शिकायत की तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने रात में स्थानीय गांव के भाजपा नेता के घर पर धावा बोल दिया। भाजपा नेता व उनके चाचा को थाना पर ले आए। रात भर के प्रयास के बाद भी पीड़ित बरामद नहीं हुआ बल्कि सुबह अपने घर से करीब आधा किमी दूर पैदल घर की तरफ आते हुए दिखाई दिया। तो लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा। पुलिस उससे पूछताछ की। एसपी ग्रामीण चिराग जैन के अनुसार सूचना के बाद पुलिस टीम का गठन कर कार्रवाई की जा रही थी। इसी में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए रात में बुलाया गया था। पूछताछ के बाद छोड़ दिया। मामले में आज उसी व्यक्ति ने पुलिस पर जान से मारने और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में विवेचना की जा रही है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ पीड़ित किशोर के गांव के निवासी व भाजपा नेता शैलेश सिंह ने आरोप लगाया कि आधी रात में पुलिस उनके घर पहुंच कर उनको और उनके चाचा 73 वर्षीय गौरी शंकर सिंह जो पैर से दिव्यांग हैं। दोनों को जबरन थाना पर ले गई। एक सिपाही नीरज गौड़ लगातार धमकी दे रहा था और जुर्म कबूलने अन्यथा जान से मारने की धमकी दे रहा था। वहीं मामले में जैसे ही इसकी जानकारी भाजपा नेताओं को हुई वह थाने पहुंच गए और वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ा। शैलेश सिंह के अनुसार पीड़ित किशोर की मां और इसके देवर को भी जबरन आरोपी बनाने के लिए दबाव दिया जा रहा था। महिला के देवर से मारपीट भी जा रही थी।