
आजमगढ़/अतरौलिया (आशीष कुमार निषाद)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समाजवादी पार्टी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा और योगी सरकार की कानून-व्यवस्था को सपा शासन से बेहतर बताया।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव पांच वर्ष तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और करीब 10 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं, लेकिन पिछड़ी जातियों के अधिकारों के लिए उन्होंने कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि नाई, प्रजापति, विश्वकर्मा, लोहार, राजभर, चौहान, निषाद, बिंद और मल्लाह सहित विभिन्न पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में उनके हिस्से का लाभ दिलाने का मुद्दा सपा ने गंभीरता से नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी मौन है। ऐसे में सपा का पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए का नारा केवल राजनीतिक भ्रम पैदा करने तक सीमित रह गया है।
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को हार का सामना करना पड़ा और अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उसकी हार तय है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कुछ सलाहकार उसे सही दिशा देने के बजाय भटका रहे हैं।
‘सपा राज से लाख गुना बेहतर कानून-व्यवस्था’
प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तुलना सपा शासन से करते हुए राजभर ने कहा कि उस समय शाम छह बजे के बाद महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल माना जाता था। राहजनी, दुष्कर्म, दंगे और कर्फ्यू जैसी घटनाएं आम थीं। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में कानून-व्यवस्था सपा सरकार के मुकाबले लाख गुना बेहतर है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है। अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई करती है और अपराधी को 48 घंटे के भीतर या तो जेल भेज दिया जाता है या फिर वह ‘ऊपर’ चला जाता है।
मायावती को लेकर बोले- ‘शेर खामोश हो तो…’
बसपा प्रमुख मायावती की राजनीतिक सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि “शेर जब खामोश होता है तो वह शिकार की तैयारी में होता है।” उन्होंने कहा कि बसपा के पास अपना मजबूत कैडर वोट बैंक है। इसलिए चुनाव में बसपा को कम आंकना किसी भी राजनीतिक दल के लिए भारी भूल साबित हो सकती है।
लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी
अपने विभाग के कामकाज को लेकर कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव या निदेशक स्तर के अधिकारी यदि सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में लापरवाही या हीलाहवाली करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजभर ने बताया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है और अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
