
आजमगढ़, 5 सितंबर। जस्टिस मोर्चा की ओर से निकाली जा रही जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा शनिवार को अपने 17वें दिन आजमगढ़ में बवाली मोड़ से शुरू हुई। यात्रा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए चिरैयाकोट पहुंची। इस दौरान युवाओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर शिक्षा, रोजगार और सरकारी संस्थानों की स्थिति से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
यात्रा करतालपुर, ब्रह्मस्थान, पहाड़पुर, तकिया, पुरानी कोतवाली, चौक, कालीचौरा, सिविल लाइंस, रैदोपुर, सिधारी, हाइडिल चौराहा, छतवारा और चंडेश्वर होते हुए आगे बढ़ी। विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं के माध्यम से युवाओं को जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा की 10 सूत्रीय मांगों की जानकारी दी गई और पर्चों का वितरण किया गया।
नुक्कड़ सभाओं में यात्रियों ने कहा कि प्रदेश का युवा शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी, लंबित भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं से परेशान है। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में बड़ी संख्या में पद स्वीकृत और रिक्त हैं तो उन पर समयबद्ध तरीके से भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।
यात्रा के दौरान जहानागंज में भी नुक्कड़ सभा और पर्चा वितरण किया गया। यहां युवाओं से आगामी 2 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचकर शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर निर्णायक संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया गया।
जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा के यात्रियों ने कहा कि यह अभियान महज राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की आवाज को गांव-गांव और कस्बे-कस्बे तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सरकार को यह संदेश दिया जा रहा है कि युवा अब अपने भविष्य से जुड़े सवालों पर चुप नहीं बैठेगा।
आजमगढ़ से आगे बढ़ते हुए यात्रा चिरैयाकोट पहुंची, जहां स्थानीय युवाओं और नागरिकों के साथ संवाद का सिलसिला जारी रहा। आयोजकों के अनुसार, यात्रा प्रदेश के अन्य जिलों से होते हुए 2 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेगी, जहां जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का आह्वान किया गया है।
