
आजमगढ़। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र की सियासत में इन दिनों समाजवादी पार्टी से जुड़े एक कथित मारपीट के मामले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि आरोप लगाने वाला कोई विपक्षी कार्यकर्ता नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी का बूथ अध्यक्ष बताया जा रहा है। बूथ अध्यक्ष राहुल यादव ने सपा विधायक नफीस अहमद के समर्थकों और अंगरक्षकों पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए महराजगंज थाने में तहरीर दी है। राहुल ने घटना से संबंधित एक वीडियो भी पुलिस और मीडिया को उपलब्ध कराया है।
राहुल यादव के मुताबिक, सोशल मीडिया पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा के संभावित प्रत्याशियों के संबंध में एक सर्वे चल रहा था। इस सर्वे में उन्होंने मौजूदा विधायक नफीस अहमद की जगह किसी अन्य सपा नेता को अपनी पहली पसंद बताया था। आरोप है कि इसके बाद उन्हें फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
राहुल का कहना है कि इसी मामले में वह शुक्रवार को विधायक नफीस अहमद से सीधे बातचीत करना चाहते थे। उनके अनुसार, शाम करीब पांच से छह बजे के बीच विधायक अपने समर्थकों और अंगरक्षकों के साथ जनसंपर्क के दौरान सैदपुर पहुंचे थे। राहुल ने विधायक से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उनके समर्थकों और अंगरक्षकों ने उन्हें रोक दिया।
राहुल यादव का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट भी की गई। उनका दावा है कि घटना विधायक की मौजूदगी में हुई, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर मामले में हस्तक्षेप नहीं किया। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद राहुल यादव ने शनिवार को महराजगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कथित घटना से संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया है। अब पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक दल की ताकत होते हैं और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने कार्यकर्ता और पदाधिकारी के साथ सही व्यवहार करना नहीं आता, तो ऐसे व्यक्ति के बारे में क्या ही कहा जा सकता है।
फिलहाल, मामला पुलिस तक पहुंच चुका है। ऐसे में सबकी नजर पुलिस जांच पर है। साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेतृत्व अपने ही बूथ अध्यक्ष की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।
