बाजार में मकान-दुकान पर कब्जे को लेकर बवाल, घर में रह रहे पांच लोगों को कमरे में किया बंद, पड़ोसी गांव से आए लोग

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आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के दुलारगंज बाजार में सोमवार को मकान और दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि पड़ोसी गांव से आए दर्जनों लोगों ने मकान में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और सामान तोड़फोड़ कर सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान परिवार के पांच लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे में बंद लोगों को बाहर निकाला और दोनों पक्षों के कई लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी।

दुलारगंज बाजार निवासी विजय सेठ के रिहायशी मकान में सब्जी और ज्वेलरी की दुकान संचालित होती है। सराय परसौली गांव निवासी प्रेमचंद यादव ने वर्ष 2019 में विजय सेठ से उक्त मकान रजिस्ट्री कराने की बात कही है। सोमवार को इसी मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

मकान में रह रहे अतुल सोनी का आरोप है कि प्रेमचंद यादव अपने परिवार के सदस्यों समेत करीब 15 महिलाओं और 20 पुरुषों के साथ मकान-दुकान पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। आरोप है कि घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की गई और परिवार के सदस्यों को बाहर निकाल दिया गया। अतुल सोनी के मुताबिक, उन्हें, उनकी 30 वर्षीय पत्नी नेहा सोनी, दो वर्षीय बेटे चीकू और पांच माह की बेटी तृष्णा समेत परिवार के पांच लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। दुकान में रखा सब्जी सहित अन्य सामान सड़क पर फेंक दिया गया। मकान में लगे सात सीसीटीवी कैमरों को भी लाठी-डंडों से तोड़ने का आरोप लगाया गया है। पुलिस डीवीआर को अपने साथ थाने ले गई।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे, चेन, असलहा और स्प्रे पेंट लेकर आए थे। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कमरे में बंद लोगों को मुक्त कराया। मौके से विजय सोनी, किरन देवी और शिवा सहित दूसरे पक्ष के प्रेमचंद यादव, लीलावती और योगेश यादव समेत कई लोगों को थाने ले जाया गया।

अतुल सोनी का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी मकान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया था। उस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मकान और मारपीट से संबंधित मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन होने की बात भी उन्होंने कही।

वहीं, दूसरे पक्ष के प्रेमचंद यादव का कहना है कि उन्होंने विजय सोनी से मकान की रजिस्ट्री कराई है और दीवानी न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आया है। उनका आरोप है कि कई बार बातचीत के माध्यम से मकान खाली कराने का प्रयास किया गया, लेकिन मकान खाली नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने शिकायती प्रार्थना पत्र भी दिया था।

थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है। दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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