विधायक निधि में कमीशनखोरी के आरोपों से मचा हड़कंप, दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में आजमगढ़ CDO कार्यालय के सहायक लेखाकार पर गंभीर आरोप, CDO ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की, सपा MLA का भी हुआ था स्टिंग

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आजमगढ़। विधायकों की विकास निधि से होने वाले कार्यों के लिए धनराशि जारी करने की प्रक्रिया में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने आजमगढ़ के विकास भवन में भी हलचल मचा दी है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने की बात कही है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, स्टिंग टीम ने विधायकों के अनुशंसा पत्र लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के मुख्य विकास अधिकारी कार्यालयों में पहुंचकर विधायक निधि से धनराशि जारी कराने की प्रक्रिया की पड़ताल की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया में कथित तौर पर अलग-अलग स्तर पर कमीशन तय होने की बात सामने आई।
इसी क्रम में आजमगढ़ के मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र की सपा विधायक पूजा सरोज के नाम से विधायक निधि से 81 लाख रुपये जारी कराने के लिए दिए गए अनुशंसा पत्र का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टिंग टीम ने NGO मैनेजर बनकर आजमगढ़ CDO कार्यालय में तैनात सहायक लेखाकार से बातचीत की।
वीडियो में कथित बातचीत के दौरान विधायक निधि से धनराशि जारी कराने की प्रक्रिया और कमीशन को लेकर चर्चा होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में AE समेत अन्य स्तरों को मिलाकर करीब सात प्रतिशत कमीशन की बात कही गई। साथ ही BDO और CDO स्तर का भी कथित तौर पर उल्लेख किया गया।
स्टिंग रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फंड रिलीज होने की स्थिति में कथित सात प्रतिशत कमीशन का 60 प्रतिशत एडवांस देने की बात कही गई। बातचीत के दौरान पांच हजार रुपये लेने और काम हो जाने का आश्वासन दिए जाने का भी दावा किया गया है।
वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, वीडियो में कही गई बातों की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। इसी को देखते हुए आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है।
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच के लिए दो क्लास-वन अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी। इसमें एक CTO और एक ऐसे अधिकारी को शामिल किया जाएगा, जो विकास भवन अथवा विकास कार्यों से सीधे तौर पर जुड़े न हों।
सीडीओ के मुताबिक, जांच कमेटी वीडियो की सत्यता के साथ-साथ उसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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