
आजमगढ़। अपने खिलाफ दर्ज तीन आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाकर चरित्र प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के आरोप में अहरौला थाना पुलिस ने सतपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शपथपत्र में अपने विरुद्ध किसी भी आपराधिक अभियोग के दर्ज न होने की बात कही थी, जबकि जांच में उसके खिलाफ लखनऊ और बाराबंकी में तीन मुकदमे दर्ज पाए गए। मामला सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, अहरौला थाना क्षेत्र के ग्राम पखनपुर निवासी सतपाल सिंह पुत्र गिरीश सिंह वर्तमान में 12 अशरफ विहार कॉलोनी, थाना चिनहट, जनपद लखनऊ में रहता है। आरोप है कि फरवरी 2026 में उसने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाकर जिलाधिकारी आजमगढ़ रविंद्र कुमार के यहां चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया।
आवेदन की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि सतपाल सिंह के खिलाफ लखनऊ और आसपास के जिलों में तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना सतरिख, बाराबंकी में मुकदमा अपराध संख्या 173/26, थाना चिनहट, लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 236/25 और थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 215/25 दर्ज है। पुलिस के मुताबिक इन मामलों में आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किए जा चुके हैं।
पुलिस का आरोप है कि चरित्र प्रमाणपत्र हासिल करने के उद्देश्य से सतपाल सिंह ने शपथपत्र में स्वयं को ग्राम पखनपुर का निवासी बताते हुए यह घोषणा की कि उसके खिलाफ पूरे भारत में किसी भी प्रकार का अभियोग दर्ज नहीं है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि उसके खिलाफ पहले से ही तीन मुकदमे दर्ज थे।
मामले की जांच के बाद उपनिरीक्षक नितेश कुमार चौबे की तहरीर पर अहरौला थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाकर चरित्र प्रमाणपत्र हासिल करने के प्रयास की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
