
आजमगढ़, 18 सितंबर। सवर्ण समाज के आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार और सामाजिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में केंद्र एवं राज्य सरकार से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में शैक्षणिक संस्थानों में निष्पक्षता, पारदर्शिता, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों एवं दिशा-निर्देशों की पुनः समीक्षा किए जाने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए तथा इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
SC/ST एक्ट में सुधार की मांग
सवर्ण समाज की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की समीक्षा की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में अधिनियम के कथित दुरुपयोग की रोकथाम के लिए आवश्यक विधिक सुधार किए जाने की बात कही गई। साथ ही वास्तविक पीड़ितों को न्याय एवं सुरक्षा देने तथा निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष एवं तथ्याधारित जांच, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन और कानूनी प्रक्रिया के उचित अनुपालन पर जोर दिया।
आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की मांग
ज्ञापन में वर्तमान आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़ी नीतियों की समय-समय पर व्यापक, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्याधारित समीक्षा किए जाने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तव में जरूरतमंद नागरिकों की स्थिति को भी नीतियां निर्धारित करते समय महत्वपूर्ण आधार बनाए जाने की बात कही। सरकारी सहायता, शैक्षणिक अवसरों और रोजगार से संबंधित योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई।
राष्ट्रीय सवर्ण आयोग के गठन का प्रस्ताव
सवर्ण समाज ने आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार एवं सामाजिक हितों से जुड़े विषयों के अध्ययन और समस्याओं के समाधान के लिए एक वैधानिक, स्वतंत्र एवं अधिकार-संपन्न राष्ट्रीय सवर्ण आयोग गठित करने की मांग भी रखी। ज्ञापन में प्रस्ताव दिया गया कि आयोग को सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों का अध्ययन करने तथा सरकार को नीतिगत सुझाव एवं अनुशंसाएं देने का अधिकार दिया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से सभी बिंदुओं पर आवश्यक विचार करते हुए उचित कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। ज्ञापन पर सवर्ण समाज के प्रतिनिधि शेषनाथ सिंह, ग्राम सोमापुर, पोस्ट सेवटा, जनपद आजमगढ़ के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
