
आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र के मंझारी बाजार में ज्वैलर्स की दुकान से सोने की चेन लूटकर भाग रहे दो शातिर बदमाशों ने पीछा कर रहे दुकानदार और स्थानीय लोगों पर सरेआम फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि दुकानदार और ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाशों का पीछा जारी रखा। आखिरकार बैरमपुर गांव में घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को पकड़ लिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को दो युवक मंझारी बाजार स्थित राज ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंचे थे। दोनों ने सोने की चेन खरीदने की बात कहते हुए करीब आठ ग्राम वजन की चेन पसंद की, जिसकी कीमत लगभग 1.10 लाख रुपये थी। भुगतान के लिए दुकानदार से क्यूआर कोड मांगा गया। आरोपियों ने भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन दुकानदार के खाते में रकम नहीं पहुंची।
इसी दौरान दोनों युवक अचानक चेन लेकर दुकान से भाग निकले। दुकानदार को माजरा समझते देर नहीं लगी। उसने स्थानीय लोगों के साथ बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। आरोप है कि खुद को घिरता देख दोनों बदमाशों ने रास्ते में असलहे निकाल लिए और पीछा कर रहे लोगों की ओर फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी और लोग बाल-बाल बच गए।
फायरिंग के बावजूद दुकानदार और ग्रामीण पीछे नहीं हटे। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए बदमाशों का पीछा जारी रखा और बैरमपुर गांव में दोनों को पकड़ लिया। उनके पास से एक बैग और मोटरसाइकिल संख्या UP50BL5646 बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक सूर्यपाल यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
तलाशी में पुलिस भी रह गई हैरान
दोनों आरोपियों की तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से असलहों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने दो अवैध .32 बोर की पिस्टल, दो .315 बोर के तमंचे, तीन खाली मैगजीन, .32 बोर के 10 जिंदा कारतूस, .315 बोर के आठ जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया। इसके अलावा एक चापड़, पेचकस और रेती भी मिली। घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चन्द्रेश यादव पुत्र वीरेन्द्र यादव निवासी जमीनबारी, थाना निजामाबाद और प्रिंस चौहान पुत्र रघुवीर चौहान निवासी कोटवा, थाना रानी की सराय के रूप में हुई है।
पूछताछ में चोरी की बाइक का खुलासा
पुलिस पूछताछ में चन्द्रेश यादव ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने साथियों के साथ 31 अगस्त को न्यायालय के पास वाहन स्टैंड से एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके बाद चोरी की बाइक की नंबर प्लेट बदलकर उस पर UP50BL5646 नंबर लगाया गया। पुलिस के मुताबिक इसी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल आरोपी अलग-अलग स्थानों पर लूट, चोरी और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए करते थे।
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को चन्द्रेश अपने साथी प्रिंस चौहान के साथ अवैध असलहों से लैस होकर निकला था। मंझारी बाजार में राज ज्वैलर्स की दुकान से सोने की चेन लेकर भागने के दौरान दुकानदार और स्थानीय लोगों ने पीछा किया तो दोनों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद भीड़ की तत्परता के चलते दोनों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में छह अन्य नाम भी सामने आए
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों के साथ मिलकर कथित तौर पर अपराध करने वाले छह अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें अनिल यादव उर्फ मेटी निवासी सरायभादी, थाना तरवां, राकेश यादव निवासी टोडरपुर रासेपुर, थाना मेहनगर, अनूप यादव निवासी कोटवा, थाना रानी की सराय, धर्मेन्द्र यादव उर्फ छोटई निवासी पीरी मनीरामपुर, थाना गंभीरपुर, दीपक यादव निवासी शेखुपुर, थाना मेहनगर और रजित यादव, जिसका पता अज्ञात बताया गया है। पुलिस इन लोगों के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।
चन्द्रेश का पहले भी दर्ज है मुकदमा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चन्द्रेश यादव के खिलाफ निजामाबाद थाने में वर्ष 2026 में मु0अ0सं0 06/2026 के तहत धारा 123, 351(3), 64 और 78 बीएनएस में मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में तहबरपुर थाने में मु0अ0सं0 142/2026 के तहत धारा 109, 309(4) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान धारा 3(5), 111 बीएनएस तथा आयुध अधिनियम की संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सूर्यपाल यादव कर रहे हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सूर्यपाल यादव, चौकी प्रभारी तहबरपुर, कांस्टेबल सुनील यादव, वन्दन सिंह, प्रभू मौर्या और विशाल यादव शामिल रहे।
