जमीन के विवाद में बुजुर्ग मां की मौत, बेटियों ने भांजों पर लगाया इलाज न कराने व हत्या का आरोप

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आजमगढ़: अतरौलिया ( आशीष कुमार निषाद ): थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में जमीन के विवाद के बीच एक बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की बेटियों ने अपनी ही बहन के बेटों पर मां को जबरन घर में रखने और समय पर इलाज नहीं कराने का गंभीर आरोप लगाया है। बेटियों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में हुए समझौते के बावजूद उनकी मां को अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। दो दिन तक वे 100 शैय्या अस्पताल में मां के आने का इंतजार करती रहीं, लेकिन इसी दौरान घर पर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लोहरा गांव निवासी चौरासी देवी (84) पत्नी स्वर्गीय राम नवल की छह बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार, कुछ समय पहले एक बेटी के बेटों ने चौरासी देवी से कुछ जमीन अपने नाम दानपत्र के जरिये करा ली थी। इसके बाद बची पुश्तैनी जमीन को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। इसी बीच चौरासी देवी की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई।
सुक्खीपुर निवासी बेटियां सुदामा देवी और सीता देवी ने आरोप लगाया कि मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय अतरौलिया और फिर जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इसी दौरान संजय, मनोज और सुखना समेत करीब 10-12 लोग अस्पताल पहुंचे और मां को टांडा पीजीआई में भर्ती कराने की बात कहकर 13 तारीख को अस्पताल से डिस्चार्ज करा ले गए।
बेटियों का आरोप है कि मां को किसी अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय आरोपी उन्हें लोहरा स्थित अपने घर ले गए और एक कमरे में रख दिया। इलाज नहीं मिलने की जानकारी होने पर बेटियों ने अतरौलिया थाने में प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
बेटियों के अनुसार, 15 तारीख को शाम करीब चार बजे पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा हुआ। इसमें तय हुआ कि सुदामा देवी और सीता देवी अपनी मां चौरासी देवी का इलाज 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया में अपनी देखरेख में कराएंगी। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने बुजुर्ग महिला को अस्पताल नहीं पहुंचाया। बेटियों का कहना है कि वे लगातार दो दिनों तक 100 शैय्या अस्पताल में मां के आने का इंतजार करती रहीं। फोन करने पर कभी एंबुलेंस भेजने तो कभी 10-15 मिनट में पहुंचने की बात कही जाती रही। इसी बीच 16 तारीख की शाम गांव के ही विनोद नामक युवक के फोन से उन्हें सूचना मिली कि चौरासी देवी की मौत हो गई है।
सुदामा देवी का आरोप है कि मां से मिलने जाने पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मां को प्रताड़ित किया गया और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। बेटियों का कहना है कि मां इलाज के लिए उनके साथ चलने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया। बेटियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते चौरासी देवी को अस्पताल पहुंचाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने इसे स्वाभाविक मौत न मानते हुए इलाज से वंचित कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला की मौत के बाद अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को लाठी-डंडों के बल पर भगाने का प्रयास किया गया और शव का आनन-फानन अंतिम संस्कार करने की कोशिश की गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष अश्वनी कुमार दुबे ने बताया कि मृतका की छह बेटियां हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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