
आजमगढ़। सिधारी हाइडिल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में शुक्रवार को जमीन के बैनामे को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब विक्रेता के पुत्र ने जमीन की रजिस्ट्री पर आपत्ति जताई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद गुत्थम-गुत्था हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान लात-घूंसों से मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर सिधारी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सुराई गांव निवासी बजरंगी गोंड का आरोप है कि गांव के ही अशोक यादव और संतोष यादव उसके पिता उत्तम गोंड को अपने प्रभाव में लेकर करीब 19 बिस्वा जमीन का बैनामा कराने का प्रयास कर रहे थे। बजरंगी के अनुसार, जैसे ही उसे जमीन के बैनामे की जानकारी हुई, वह तत्काल सिधारी हाइडिल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचा और जमीन लिखे जाने का विरोध करने लगा।
बजरंगी का आरोप है कि उसके विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। देखते ही देखते रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में हंगामा होने लगा। विवाद की सूचना मिलने पर सिधारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को थाने ले गई।
बजरंगी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता उत्तम गोंड का फिलहाल कहीं पता नहीं चल रहा है। उसने आशंका जताई कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके पिता को कहीं छिपा दिया है। इसी आधार पर उसने पिता के अपहरण की आशंका भी जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।
बजरंगी का कहना है कि उसके घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर उनकी 19 बिस्वा जमीन है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और इसी जमीन पर परिवार की उम्मीद टिकी है। उसका आरोप है कि दबंग लोग उसके पिता को अपने प्रभाव में लेकर जमीन का बैनामा कराना चाहते हैं। उसने कहा कि परिवार में छोटे-छोटे बच्चे हैं और यदि पूरी जमीन बिक गई तो उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा।
मामले को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय में हुए हंगामे और मारपीट के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। जमीन के बैनामे, मारपीट और बजरंगी के पिता के लापता होने से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
