
आजमगढ़। शहर के कुन्दीगढ़ मोहल्ले में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बंद मकान में अचानक आग लग गई। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। पड़ोसियों ने मकान से धुआं निकलता देखा तो दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। देखते ही देखते आग दो कमरों में फैल गई।
बताया गया कि घर में इलेक्ट्रिक बोर्ड से प्रेस जुड़ी हुई थी। आशंका है कि प्रेस ऑन रह जाने से शॉर्ट सर्किट अथवा किसी अन्य कारण से आग लगी। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आसपास के लोगों ने बाल्टी से पानी डालने के साथ बालू-मिट्टी और अन्य साधनों से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना के समय मकान मालकिन कुसुम पत्नी स्व. बल्लन चौधरी अपनी बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर गई थीं। सूचना मिलते ही वह आनन-फानन में घर पहुंचीं। अंदर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। आग में कपड़े, जरूरी कागजात, घरेलू सामान समेत गृहस्थी की अधिकांश वस्तुएं जलकर राख हो गईं।
पति की मौत के बाद कुसुम लोगों के कपड़े प्रेस कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। ऐसे में आग की घटना ने उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिस प्रेस के सहारे वह परिवार की आजीविका चला रही थीं, उसी से जुड़े हादसे में घर का सामान बर्बाद हो गया।
परिवार के अनुसार उन्होंने सरकारी आवास के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन अब तक आवास नहीं मिल सका। परिवार संकरे दो कमरों के किराये के मकान में किसी तरह गुजर-बसर कर रहा है। आग के बाद रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट और गहरा गया है। पीड़ित परिवार और मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ सरकारी आवास दिलाने की मांग की है।
