
प्रयागराज। डिजिटल दौर में जहां कम उम्र के बच्चे टीवी, स्मार्टफोन और ऑनलाइन गेम्स में अधिक समय बिता रहे हैं, वहीं संगम नगरी प्रयागराज के महज पांच वर्षीय कौटिल्य शाही ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से एक अलग मिसाल पेश की है। इतनी छोटी उम्र में कौटिल्य ने अपनी पहली बाल साहित्य पुस्तक “Captain Octopus: The Great Arctic Adventure” लिखकर सभी को हैरान कर दिया है।
कौटिल्य शाही गोरखपुर के मूल निवासी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता अतुल शाही तथा श्रीमती श्यामली सिंह के सुपुत्र हैं। पांच वर्ष की उम्र में पुस्तक लिखने की उनकी उपलब्धि ने परिवार के साथ-साथ परिचितों और साहित्य से जुड़े लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
कौटिल्य के माता-पिता के अनुसार, उसे बचपन से ही किताबें पढ़ने और अपनी कल्पना के आधार पर कहानियां गढ़ने में विशेष रुचि रही है। इसी रुचि और रचनात्मक सोच ने उसे बाल साहित्य की पुस्तक लिखने के लिए प्रेरित किया। “Captain Octopus: The Great Arctic Adventure” के माध्यम से कौटिल्य ने अपनी कल्पनाशीलता को शब्दों का रूप दिया है।
पढ़ाई और लेखन के साथ कौटिल्य को लीगो से खेलना, शतरंज और जिमनास्टिक में भी खास रुचि है। इतनी कम उम्र में विभिन्न गतिविधियों के प्रति उसकी रुचि और लेखन की ओर बढ़ता कदम उसे अन्य बच्चों से अलग पहचान देता है।
कौटिल्य की इस उपलब्धि को उसके परिवार के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। नन्हीं उम्र में किताब लिखने वाले कौटिल्य ने यह संदेश भी दिया है कि बच्चों की कल्पनाशक्ति को सही प्रोत्साहन और अवसर मिले तो वे कम उम्र में भी अपनी प्रतिभा का असाधारण प्रदर्शन कर सकते हैं।
