SUV से रेकी, रात में घरों में घुसकर मशीन से काटते थे ताले, पांच जिलों में चोरी का खुलासा, आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो शातिर घायल, दो तमंचे, कारतूस और 15,250 रुपये बरामद

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आजमगढ़। तहबरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस और अंतरजनपदीय चोर गिरोह के दो सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 25-25 हजार रुपये के इनामी दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो तमंचे, पांच कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों की पहचान बरेली निवासी दिलशाद और शाहजहांपुर निवासी सोनू अली उर्फ असगर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28/29 सितंबर की रात तहबरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर दो संदिग्धों के मौजूद होने और किसी वारदात की रेकी करने की सूचना मिली। थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्य पाल, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। करीब 3:15 बजे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा।
हाईवे के आसपास खड़ी करते थे SUV, गांवों में करते थे रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेसवे के आसपास SUV खड़ी कर आसपास के गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां आसानी से चोरी की जा सके। रात में गिरोह के सदस्य छत या घर के पीछे के रास्ते से अंदर घुसते और मशीन से दरवाजे, बक्से व अलमारी के ताले काटकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करते थे। वारदात के बाद सभी सदस्य तय स्थान पर पहुंचते, जहां SUV चालक उन्हें लेकर फरार हो जाता था। चोरी के माल को बेचकर रकम आपस में बांट ली जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरोह ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अंबेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर तहबरपुर की दो, अहरौला की दो, बिलरियागंज की दो और अंबेडकरनगर के जैतपुर क्षेत्र की एक चोरी की घटना का खुलासा हुआ है।
पहले चार सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार
इस गिरोह के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 20 अगस्त को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरोह के चार सदस्यों दिलकस, साहिल, वाजिद और फैजान को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान पुलिस ने तीन तमंचे, कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500, पांच मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए थे। अब दिलशाद और सोनू की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के कुल छह सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
गिरोह के चार अन्य सदस्य पहले से फरार चल रहे थे, जिनमें दिलशाद, सोनू, आफताब और नेसार शामिल थे। इनमें दिलशाद और सोनू पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। अब दोनों की गिरफ्तारी के बाद आफताब पुत्र जाकिर और नेसार पुत्र नसीर की तलाश जारी है।
दिलशाद पर 13 और सोनू पर सात मुकदमे
पुलिस के अनुसार दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें इगलास, अहरौला, बिलरियागंज, तहबरपुर और जैतपुर थानों के मामले शामिल हैं। वहीं सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ इन्हीं जनपदों में सात मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दोनों के खिलाफ चोरी और संबंधित धाराओं के अलावा मुठभेड़ के बाद आर्म्स एक्ट तथा बीएनएस की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो देशी तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद किए। घटनास्थल से फील्ड यूनिट ने भी आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार फरार आफताब और नेसार की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम, थाना पुलिस और सर्विलांस टीम लगातार दबिश दे रही है।

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