परीक्षा फॉर्म नहीं भरने से भड़के छात्र, शिब्ली कॉलेज में धरना-प्रदर्शन, समर्थ पोर्टल की तकनीकी समस्या और बैक पेपर के फॉर्म न खुलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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आजमगढ़। शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज में परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही दिक्कतों को लेकर बुधवार को छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। समर्थ पोर्टल नहीं खुलने और बैक पेपर के परीक्षा फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी समस्या के समाधान की मांग पर अड़े रहे।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का आरोप था कि एमए तृतीय सेमेस्टर सहित अन्य कक्षाओं के परीक्षा फॉर्म नहीं भरे जा पा रहे हैं। समर्थ पोर्टल नहीं खुलने के कारण सामान्य विद्यार्थियों को भी परेशानी हो रही है। वहीं, पिछले सेमेस्टर अथवा प्रथम सेमेस्टर में बैक आए विद्यार्थियों के बैक पेपर के फॉर्म भी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं। छात्रों का कहना था कि इस तरह की समस्या पहले भी बीए के विभिन्न सत्रों में सामने आ चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि परीक्षा में शामिल होने के बावजूद कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शा दिया जाता है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी करने और प्राचार्य पर विद्यार्थियों से संवाद नहीं करने का आरोप लगाया।
धरने में शामिल छात्राओं ने बताया कि उनसे छह हजार रुपये फीस जमा कराई गई है, इसके बावजूद अब परीक्षा में बैठने से रोके जाने की बात कही जा रही है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा में शामिल होने को लेकर कोई नियम या प्रतिबंध था तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। अचानक परीक्षा से वंचित होने की आशंका से विद्यार्थी परेशान हैं।
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने मांग की कि कॉलेज प्रशासन विश्वविद्यालय से समन्वय स्थापित कर बैक पेपर सहित सभी लंबित परीक्षा फॉर्म भरवाने की व्यवस्था करे। साथ ही परीक्षा परिणामों से जुड़ी शिकायतों का भी समाधान कराया जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. असफर अली ने बताया कि मुख्य समस्या प्रथम वर्ष में बैक लगे विद्यार्थियों की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुसार अगले वर्ष अथवा तृतीय वर्ष में प्रवेश के लिए प्रथम वर्ष के सभी विषयों में उत्तीर्ण होना और उन्हें क्लीयर करना अनिवार्य है। ऐसे करीब 60 विद्यार्थियों का मामला है। विद्यार्थियों से अपनी मार्कशीट जमा करने को कहा गया था, ताकि प्रत्येक प्रकरण का अलग-अलग परीक्षण कर समाधान निकाला जा सके।
प्राचार्य ने बताया कि इस संबंध में कुलपति से भी वार्ता की जा रही है। विद्यार्थियों को अपना प्रत्यावेदन और मार्कशीट उपलब्ध करानी चाहिए थी, जिससे उनके मामलों पर विचार किया जा सके। कॉलेज प्रशासन समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है।

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