
आजमगढ़। युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मानव तस्करी के जरिए बिहार में बेचने वाले गिरोह का आजमगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अभिषेक राज युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर भगाता था और फिर अपनी पत्नी सितारा खातून की मदद से उन्हें अन्य लोगों के हाथों बेच देता था। पूछताछ में युवतियों को वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेले जाने की बात भी सामने आई है।
मामला अहरौला थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 18 मार्च 2026 को एक महिला ने अपनी करीब 18 वर्षीय पुत्री के बिना बताए घर से चले जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 70/2026 के तहत धारा 87 बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 143, 144 और 111 बीएनएस के साथ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 5 भी बढ़ाई गई।
युवती की तलाश में अहरौला पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से बिहार के पूर्वी चंपारण में आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। उपनिरीक्षक मनीष मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 5 नवंबर को चकिया थाना क्षेत्र के चनकपुरी महावीर आई अस्पताल के पास दबिश देकर अभिषेक राज और उसकी पत्नी सितारा खातून को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में अभिषेक राज ने बताया कि वह युवतियों को बहला-फुसलाकर प्रेमजाल में फंसाता था। इसके बाद अपनी पत्नी सितारा खातून के माध्यम से उन्हें अपने परिचित गफ्फार मियां और उसकी पत्नी बिन्द्या के हाथों बेच देता था। इसके बदले उसे रुपये मिलते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि गफ्फार मियां युवतियों का शारीरिक शोषण करने के बाद उन्हें बिहार के पूर्णिया जिले के आसपास वेश्यावृत्ति के लिए बेच देता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के गढ़हरिया बाजार थाना क्षेत्र के तलवा गढ़ही गांव निवासी 22 वर्षीय अभिषेक राज पुत्र अजय शर्मा और उसकी 21 वर्षीय पत्नी सितारा खातून के रूप में हुई है। पुलिस दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है। इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
