
आजमगढ़ । 2025 ख्यातिलब्ध संस्था सूत्रधार द्वारा स्थानीय होटल तरुण इन में आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह “20वां” आजमगढ़ “रंग महोत्सव” (आरंगम) के दूसरी संध्या में क्रमशः दो कहानियों का भावपूर्ण मंचन किया गया।
पहली कहानी संभव नई दिल्ली की प्रस्तुति प्रियदर्शन कृत बेटियां मन्नू की रही।
जिसका निर्देशन लब्ध प्रतिष्ठित नाट्य निर्देशक प्रोफेसर देवेंद्रराज अंकुर ने किया।
इस प्रस्तुति की कथावस्तु प्रसिद्ध भारतीय लेखिका मन्नू भंडारी द्वारा लिखी गई आठ लघु कहानियां और एक उपन्यास पर आधारित है नाटक उनके लेखन के नारीवादी आयाम की खोज करता है जिसे आज तक आलोचकों द्वारा आमतौर पर अनदेखा किया जाता रहा है। नाटक एक और उद्देश्य पूरा करता है यह भारतीय महिलाओं की बदलती दुनिया को दर्शाता है। इसमें पहली पीढ़ी की भारतीय लड़कियों की कहानी है जो नौकरी में आई दफ्तर गई और कई सामाजिक समस्याओं और व्यक्तिगत दुविधाओं का सामना किया इन कामकाजी महिलाओं को परंपरा और आधुनिकता के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखना था उन्हें नौकरी परिवार पति और प्रेमी के बीच चयन करना था वे संबंध बनाते हैं विविधता अपनाते हैं और अपनी स्वतंत्रता की खोज करते हैं और इस स्वतंत्रता के अर्थ की भी।
नाटक की शुरुआत : उपन्यास “आपका बंटी” के मुख्य पात्र बंटी के मंच पर आने और अपना परिचय देने से होती है। इसके बाद बंटी और उसकी मां सुकून के बीच बातचीत होती है बाद में अन्य पात्र और कहानीयां आकर एक समान सूत्र बनाती हैं।
नाटक इस तरह बुना गया है कि हर कहानी की अपनी स्वतंत्र उपस्थित है और फिर भी वह दूसरी कहानियों से जुड़ी हुई है। पात्र अपने लेखक की शिकायत भी करते हैं इस तरह यह हिंदी का एक अभिनव नाटक बन जाता है।
मंच पर अभिनेता समूह में :
अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया सभी अपने सधे हुए अभिनय में भावपूर्ण रहे। कहानी के रंगमंच विद्या की विशेषता यह है कि इसमें कहानी को यस का 10 बताते हुए दृश्य बनाए जाते हैं यह अभिनव प्रयोग आजमगढ़ के दर्शकों को चमत्कृत कर गया।
आज शाम की दूसरी प्रस्तुति मंच मुंबई द्वारा प्रस्तुत की गई प्रसिद्ध व्यंग कर हरिशंकर परसाई की प्रसिद्ध व्यंग्य रचना हम बिहार में चुनाव लड़ रहे हैं का एकल अभिनय जाने-माने रंगकर्मी फिल्म अभिनेता टीवी सीरियल निमकी मुखिया द्वारा घर-घर में लोकप्रिय हुए रंगकर्मी अभिनेता विजय कुमार द्वारा अभिनीत किया गया। एक दो बाई दो के बॉक्स पर बैठकर विजय कुमार भगवान श्री कृष्ण के बिहार से चुनाव लड़ने और जाति सामंतवाद से जुड़े भगवान श्री कृष्ण के अचंभित कर देने वाले व्याकुलता को प्रदर्शित कर पाने में पूरी तरह सफल रहे मंच पर एक अभिनेता बिना किसी अतिरिक्त संसाधन व तामजम के दम पर महेश अपने शरीर आवाज अभिनय क्षमता के बूते इतना बड़ा वितान रच सकता है इसका साक्षात्कार आजमगढ़ के दर्शकों को हुआ।
ज्ञात हो कि कल दिनांक 24 10 2025 आरंगम के अंतिम संध्या के अवसर पर सूत्रधार संस्थान आजमगढ़ की प्रस्तुति “कभी खुद पर कभी हालात पर रोना आया” प्रोफेसर देवेंद्र राज अंकुर के निर्देशन में किया जाएगा। जिसमें अभिषेक पंडित ममता पंडित अभिनेता रहेंगे।
आरंगम 2025 की अंतिम प्रस्तुति “शीला श्रृंगार मुंबई” की प्रस्तुति मोहल्ला 80, चक दे इंडिया एवं आरक्षण जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय का लोहा मनवा चुकी आजमगढ़ की रहने वाली सीमा आजमी द्वारा अभिनीत व निर्देशित “सारा” होगी।
संस्कृति विभाग भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है यह नाट्य समारोह दर्शकों के लिए पूर्णतः नि:शुल्क है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे डॉo सीके त्यागी अध्यक्ष सूत्रधार, अभिषेक पंडित रंगकर्मी ममता पंडित, आशुतोष द्विवेदी अध्यक्ष (जर्नलिस्ट क्लब) तरुण राय, निरज सिंह, आशिष उपाध्याय, विवेक पाण्डेय, निखिल अस्थाना हरिकेश, राहुल, नेहा, सत्यम, गोपाल, सूरज, अंगद, आदि।
