हुनर रंग महोत्सव का समारोहपूर्वक आगाज़, रंगारंग कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य संग नाट्य प्रस्तुति ने मोहा सभी का मन

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रंगमंच एवं ललित कलाओं के क्षेत्र में समर्पित हुनर सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था द्वारा पिछले 24 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे हुनर रंग महोत्सव का भव्य उद्धघाटन माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद आजमगढ़ इंदिरा देवी जायसवाल, अग्रसेन महिला महाविद्यालय के प्रबंधक सुधीर अग्रवाल, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन के कोच, अजेंद्र राय, जीडी ग्लोबल स्कूल के प्रबंधक गौरव अग्रवाल नें संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया गया।। महोत्सव की शुरुआत हुनर संस्थान के बच्चों द्वारा मनमोहक गणेश वंदना के साथ प्रारंभ हुई। तत्पश्चात सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल दीनू , संस्थान अध्यक्ष मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव ने किया। नत्यांजलि डांस ग्रुप उड़ीसा द्वारा किशोर कुमार दलाई के निर्देशन में मनमोहक ओडीसी समूह नृत्य नें दर्शकों मे पहले दिन ही अपनी अमूल्य छाप छोड़ी। महोत्सव की पहली नाट्य प्रस्तुति के रूप में मानसी अभिनय गुरुकुल सहारनपुर उत्तर प्रदेश द्वारा योगेश पवार के निर्देशन सैकत चटर्जी द्वारा लिखित नाटक राधा की नौटंकी का भावपूर्ण मंचन हुआ। यह आधुनिक हिंदी नाटक “राधा की नौटंकी” जो केवल एक नाटक नहीं अपितु प्रत्येक कलाकार की आंतरिक अभिव्यक्ति है। यह नाटक जिसके माध्यम से एक कलाकार के जीवन की विभिन्न अवस्थाओं का चित्रण किया गया है। एक कलाकार “राधाकृष्ण” जो लोक नाट्य नौटंकी में महिला पात्र की भूमिका निभाता है, बचपन से लेकर उम्र के वर्तमान पड़ाव तक गांव–गांव जाकर नौटंकी में ही मगन रहा, नौटंकी को ही अपना जीवन व्यापन का माध्यम भी बनाया और अपने परिवार का सहारा बना, बहुत उतार चढ़ाव आए लेकिन अपनी कला के प्रति अपना संपूर्ण समर्पण जारी रखा। परिवार हमेशा उसके इस कार्य के विरुद्ध रहा। कथानक की भावनात्मक संवेदनाएं दर्शकों को भाव के चरमोत्कर्ष तक तब ले जाती है जब उसका बेटा “अर्जुन” उसके विपरीत खड़ा होता है, राधाकृष्ण के लिए एक ऐसी स्थिति आ चुकी थी कि परिवार और कला में से किसी एक को चुने। नाटक में राधाकृष्ण अभि धीमान, रुक्मिणी अंजली, अर्जुन राकेश, चंद्रमोहन संजय नेगी, रिहान, रंजीत, सृष्टि पात्रों को भूमिका निभाई। दूसरी प्रस्तुति एकलव्य थिएटर इटावा उत्तर प्रदेश द्वारा मानसिंह द्वारा लिखित नाटक “चुटकी भर जहर ” का मंचन मोहम्मद फैज़ ल के निर्देशन में हुआ । नाटक में सेठ दौलत राम एक नई हार्दिक कंजूस और लालची प्रवृत्ति का आदमी वह इस कहानी का प्रमुख पात्र है वह इतना है लालची की उसका बेटा देश की सेवा के लिए कुछ धन उससे मांगता है तो वह उसे देने के लिए मना कर देता है । आदमी की स्वार्थी लालचीपन और उसके पश्चाताप पर या नाटक समाप्त होता है । इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी गौरव, मौर्या, सपना बनर्जी, , प्रमोद कुमार सिंह, गजराज प्रसाद, मनीष रतन अग्रवाल, अभिषेक राय तोशी, कमलेश सोनकर, राज पासवान, दीपक जायसवाल, रवि गोंड समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।

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