
आजमगढ़: आजमगढ़ की पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो पहले पंजाब में लोन दिलाने में मदद करने वाली कंपनी में काम करता था। बाद में कंपनी के कस्टमर का डाटा लिस्ट लेकर वह भाग निकला। गोरखपुर निवासी आरोपी ने आजमगढ़ में ठिकाना बनाकर कंपनी के कस्टमरों को कॉल कर लोन दिलाने के लिए तमाम तिकड़म रचा और करोड़ों रुपए ले लिया। आरोपी के निशाने पर पंजाब गुजरात महाराष्ट्र के कस्टमर होते थे। पीड़ित प्रतीक पुंडकर, निवासी – गाडगे नगर, अमरावती (महाराष्ट्र) द्वारा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। उक्त शिकायत के आधार पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के क्रम में थाना साइबर क्राइम पर धारा 318(4), 319(2), 336, 340 बीएनएस एवं 66 डी आईटी एक्ट, पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान निरीक्षक विभा पाण्डेय द्वारा साइबर थाना टीम के साथ तकनीकी विश्लेषण एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, रोजगार योजना एवं अन्य विभिन्न प्रकार के लोन दिलाने के नाम पर स्वयं को फर्जी फाइनेंस डिपार्टमेंट का लोन अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से 04 मोबाइल फोन, 05 गैर-राज्य (पंजाब) की फर्जी सिम कार्ड तथा लोन से संबंधित फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं। अभियुक्त द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों में मुद्रा फाइनेंस, मुद्रा रोजगार योजना लोन, पर्सनल लोन, मार्कशीट लोन, बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी लोन, महिलाओं के लिए ऑफर ग्रुप लोन तथा लघु उद्योग लोन के नाम से लुभावने विज्ञापन प्रकाशित कराए जाते थे, जिनमें प्रत्येक बार अलग-अलग फर्जी मोबाइल नंबर अंकित किए जाते थे।
विज्ञापन देखकर लोन लेने के इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क होने पर अभियुक्त द्वारा प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज एवं ऑफिस खर्च के नाम पर धनराशि अपने द्वारा संचालित फर्जी (म्यूल) खातों में मंगवाई जाती थी, जिसे वह अलग-अलग स्थानों पर स्थित जन सेवा केंद्रों से निकाल लेता था।
लोगों का विश्वास जीतने के लिए अभियुक्त द्वारा फर्जी ई-मेल आईडी
financedepartment786@gmail.com एवं futurefinance@gmail.com बनाई गई थीं, जिनके माध्यम से टारगेट व्यक्तियों को टेक्स्ट मैसेज एवं ई-मेल द्वारा “थैंक यू” संदेश भेजे जाते थे। एक बार जो व्यक्ति इसके जाल में फंस जाता था, उससे विभिन्न चरणों में कार्यवाही के नाम पर लगातार धनराशि ऐंठी जाती थी। मुख्य तरीका में विभिन्न समाचार पत्रों में लोन से संबंधित फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कराना। फर्जी ई-मेल आईडी एवं गैर-राज्य की सिम कार्ड का प्रयोग करना। अलग-अलग फर्जी मोबाइल नंबरों से स्वयं को विभिन्न अधिकारी बताकर बातचीत करना। प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज व ऑफिस खर्च के नाम पर फर्जी (म्यूल) खातों में धनराशि मंगवाना एवं जन सेवा केंद्रों से नकद निकासी करना था।
गिरफ्तार अभियुक्त प्रवीन गौड़ पुत्र मुसाफिर गौड़, निवासी – ग्राम गोछरन, थाना बाँसगाँव, जनपद गोरखपुर उम्र – लगभग 28 वर्ष।
हाल पता – ग्राम जिबली, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ है।
बरामदगी में 03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 कीपैड मोबाइल फोन, 05 फर्जी सिम कार्ड (गैर राज्य – पंजाब) है।
