लोक अदालत में 21 बिखरे परिवार हुए एक, दंपतियों का हुआ पुनर्मिलन

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आजमगढ़। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायपालिका और पुलिस विभाग के समन्वय से मिशन शक्ति 5.0 के तहत शनिवार को 21 दंपतियों के बीच सुलह कराकर उनका पुनर्मिलन कराया गया। आपसी सहमति से वैवाहिक विवादों का समाधान होने के बाद सभी दंपतियों ने फिर से साथ जीवन शुरू करने का निर्णय लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह के समन्वय से आयोजित इस पहल में दंपतियों को फूल-माला पहनाकर और उपहार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विदा किया गया। इस पहल से लंबे समय से अलग रह रहे परिवारों में फिर से खुशियां लौट आईं।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय एहसानउल्ला खान, अपर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश संदीपा यादव व प्रेम शंकर, अपर जनपद न्यायाधीश एवं लोक अदालत के नोडल अधिकारी संतोष यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता राजन, चौकी प्रभारी एलवल प्रियंका तिवारी सहित पुलिस प्रशासन व परामर्शदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परामर्शदाताओं कुलदीप कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता और विनय कुमार तिवारी ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर विश्वास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में समझौता कराने में सहयोग किया।
लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों को कम करने में मदद मिली, बल्कि संबंधित पक्षों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक राहत भी मिली।
कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चारण के बीच दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर नए जीवन की शुरुआत की और न्यायालय व पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश एहसानउल्ला खान ने कहा कि परिवारों में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन आपसी समझदारी और संवाद से विवादों का समाधान संभव है। उन्होंने पुनर्मिलन करने वाले सभी दंपतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विदा किया।

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