






आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने गोवध के प्रयास का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से घटना में प्रयुक्त चाकू, चापड़ और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
थाना बिलरियागंज, जनपद आजमगढ़ की पुलिस ने गोवध के प्रयास के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गौतस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्राम इमलीपुर में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, 17 मार्च 2026 को गांव के चौकीदार जयप्रकाश यादव ने सूचना दी थी कि एक खेत में प्रतिबंधित पशु के अवशेष पड़े हैं। इस सूचना के आधार पर थाना बिलरियागंज में मु0अ0सं0 62/26 के तहत गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
18/19 मार्च 2026 की रात में उपनिरीक्षक सुधीर पाण्डेय और उपनिरीक्षक रतन सिंह पटेल अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर नेयाज के भट्ठे के पास घेराबंदी कर दो वांछित अभियुक्तों सरफराज और मेराज को करीब 01:20 बजे गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने प्रतिबंधित पशु को काटकर मांस बेचने की बात स्वीकार की। अभियुक्त मेराज की निशानदेही पर पुलिस ने एक चाकू, एक चापड़ और लकड़ी का ठीहा बरामद किया।
पुलिस ने मौके से एक चाकू, एक चापड़ और एक लकड़ी का ठीहा बरामद किया है, जिनका उपयोग घटना में किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त मेराज के खिलाफ पहले से भी गोवध निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुधीर पाण्डेय, उपनिरीक्षक रतन सिंह पटेल, हेड कांस्टेबल गांधी यादव, कांस्टेबल संजय सिंह, अंजनी कुमार और आकाश कुमार सिंह शामिल रहे।
