






आजमगढ़: 23 मार्च को शहीद दिवस पर राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह की शहादत पर उनको नमन करता हूँ और आज लोहिया जी की जयंती भी है और लोहिया जी ने नारा दिया था “संसोपा ने बांधी गांठ पिछड़े पावैं सौ में साठ” इसी मांग को लेकर श्रद्धेय नेताजी और बाकी समाजवादी नेता लगातार जाति जनगणना की मांग करते रहे अभी 30 अप्रैल 2025 को भारत सरकार के कैबिनेट ने फैसला तो लिया जाति जनगणना कराने का उस फैसले का सभी ने स्वागत भी किया पहली बार ऐसा लगा कि भाजपा ने भी पिछड़े वर्ग के लिए सोचना शुरू कर दिया है लेकिन 22 जनवरी 2026 को जो नोटिफिकेशन जाति जनगणना को लेकर जारी हुआ उसमें लगभग 33 सवालों के लिए गजट हुआ था हम लोग चश्मा लगाकर देखते रहे कि शायद इसमें कहीं पिछड़े वर्ग का भी जिक्र हो लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि गजट में पिछड़े वर्ग का कहीं कोई जिक्र ही नहीं है इसमें, 2011 में भी जाति जनगणना के नाम पर पिछड़े वर्ग के साथ धोखा हो चुका है।
इसलिए पिछड़े वर्ग को डर है कि सरकार जो कह रही है और जो कर रही है उसमें अंतर है सरकार की नीयत में खोट है।
धर्मेंद्र प्रधान जी अक्सर पिछड़े वर्ग की बात करते हैं लेकिन इस बजट में कहीं भी पिछड़े वर्ग की चर्चा नहीं है
पूरे देश का पिछड़ा वर्ग वर्तमान बीजेपी सरकार की पिछड़ा वर्ग विरोधी नीतियों के कारण इस बात से भयभीत है की जाति जनगणना में भी पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय किया जा रहा है
इसलिए सरकार इस पर स्पष्टीकरण दे इसका शुद्धिकरण करे और नया गजट जारी करें ताकि पिछड़े वर्ग के साथ न्याय हो सके
