मुठभेड़ में 3 गोतस्कर घायल, 4 गिरफ्तार — अवैध असलहा व उपकरण बरामद, रात में छुट्टा गोवंश को पकड़ पहले भी कर चुके थे गोकशी

Uncategorized

आजमगढ़। थाना मेहनाजपुर क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच देर रात हुई मुठभेड़ में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने गोकशी की घटना में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन बदमाश मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 01/02 अप्रैल 2026 की रात करीब 2:20 बजे की गई, जब थाना मेहनाजपुर पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति व वाहनों की चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि 23/24 मार्च की रात ग्राम झिंझपुर सरैया में गोकशी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधी फिर से किसी वारदात की फिराक में सिधौना मार्ग होते हुए ग्राम मानिकपुर की ओर आ रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश नहीं माने। इसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में तीन बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि एक अन्य अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मोहित उर्फ मोहीद उर्फ मुफीद (जौनपुर), अमन गोड़, एकलाख उर्फ पतरका और मोबिन उर्फ कलाम के रूप में हुई है। घायल तीनों बदमाशों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, घायल अभियुक्त एकलाख उर्फ पतरका पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है और उस पर गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
मौके से पुलिस ने 2 अवैध देशी तमंचे (.315 बोर), 2 जिंदा कारतूस, 2 खोखा कारतूस, 2 चापड़, 1 छूरी और 1 रस्सी बरामद की है।
🐄 ऐसे करते थे गोकशी
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सुनियोजित तरीके से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे और उनका वध कर मांस बेचते थे। वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए अवशेषों को नदी-नालों या सिवान में फेंक देते थे या जमीन में दबा देते थे। पुलिस से बचने के लिए वे लगातार स्थान बदलते रहते थे।
अभियुक्तों के खिलाफ थाना मेहनाजपुर में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिनमें बीएनएस की धारा 109, आर्म्स एक्ट और गौहत्या निवारण अधिनियम शामिल हैं। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना मेहनाजपुर के थानाध्यक्ष मनीष पाल समेत पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी घटना को टाल दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *