






आजमगढ़ में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना जहानागंज और थाना फूलपुर क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सदस्य और एक शातिर हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। दोनों ही मामलों में अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी।
थाना जहानागंज: अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
थाना जहानागंज क्षेत्र में बीते दिनों पीजीआई चक्रपानपुर परिसर स्थित आवासों में चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। 14/15 मार्च 2026 की रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण, लाइसेंसी रिवॉल्वर, कारतूस, लाइसेंस और नकदी चोरी कर ली थी। इसके बाद 19 मार्च को भी उसी परिसर में एक और चोरी की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
18 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इस गिरोह का एक सदस्य फिर से क्षेत्र में सक्रिय है। सूचना पर पुलिस टीम ने गंभीरवन क्षेत्र में घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें अभियुक्त के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान संजय भील उर्फ संजू (22) निवासी जिला धार, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। उसके पास से एक देशी तमंचा (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, सोने की सिल्ली, चांदी के आभूषण, सिक्के और करीब 40 हजार रुपये नकद बरामद हुए। कुल बरामद माल की कीमत करीब 6.5 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में अभियुक्त ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में सरकारी संस्थानों और आवासीय परिसरों की रेकी कर योजनाबद्ध तरीके से चोरी करता था और आभूषणों को पिघलाकर सिल्ली में बदल देता था। इस मामले में उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
थाना फूलपुर: हिस्ट्रीशीटर केसरी चौहान मुठभेड़ में गिरफ्तार
दूसरी घटना थाना फूलपुर क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने शातिर हिस्ट्रीशीटर केसरी चौहान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पहले से ही जानलेवा फायरिंग का मामला दर्ज था और वह फरार चल रहा था।
19 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि वह भोरमऊ पुलिया के पास मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने उसके पास से एक देशी तमंचा (.315 बोर), कारतूस, एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, मोबाइल और नकदी बरामद की है। पूछताछ में उसने व्यक्तिगत रंजिश के चलते फायरिंग की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
कप्तानगंज थाना के मेहमौनी निवासी 47 साल के केसरी चौहान का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, चोरी, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत 14 से अधिक गंभीर मुकदमे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में दर्ज हैं।
आगे की कार्रवाई
दोनों घटनाओं में घायल अभियुक्तों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
