






आजमगढ़। जनपद की थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम) विवेक त्रिपाठी और सीओ सिटी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि दिनांक 07 जुलाई 2025 को जीएसटी विभाग की तहरीर पर थाना सिधारी में फर्जी फर्म बनाकर ITC का अनुचित लाभ लेने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा संख्या 335/2025 पंजीकृत किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त
पुलिस ने पंजाब के गोबिंदगढ़ से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया—
विकास कुमार पुत्र वेद प्रकाश, निवासी लुधियाना (पंजाब)
बलजीत सिंह पुत्र प्रीतम सिंह, निवासी फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
दोनों आरोपियों को 29 अप्रैल 2026 को न्यायालय फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आज 2 मई 2026 को आजमगढ़ न्यायालय में पेश किया जाएगा।
कैसे करते थे ठगी (Modus Operandi)
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक संगठित सिंडीकेट बनाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई फर्में खड़ी कीं, जिनमें—
पंकज इंटरप्राइजेज
भोलानाथ इंटरप्राइजेज
शिवम ट्रेडर्स
वी.के. इंटरप्राइजेज
इन फर्मों के जरिए फर्जी लेन-देन दिखाकर ITC का गलत फायदा लिया गया।
करोड़ों की हेराफेरी
जांच में पता चला कि इस गैंग ने करीब 41 करोड़ 93 लाख रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर 7 करोड़ 54 लाख रुपये के टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ लिया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
जांच में सामने आए तथ्य
विकास कुमार ने फर्जी फर्म खोलने के लिए अपने दस्तावेज उपलब्ध कराए
बलजीत सिंह ने कई सिम कार्ड उपलब्ध कराकर नेटवर्क चलाने में मदद की
एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कई फर्जी कंपनियों के संचालन में किया गया
गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में थाना सिधारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम शामिल रही, जिसमें उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल रवि प्रकाश गौतम समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
