






आजमगढ़, 05 मई 2026।
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध कवि-साहित्यकार पं. सुभाष चन्द्र तिवारी ‘कुंदन’ के पिता स्व. देवेन्द्र तिवारी के निधन की खबर से पूरे जनपद सहित साहित्यिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को समाज के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
सभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय ‘सरस’ ने जानकारी देते हुए बताया कि 89 वर्षीय स्व. देवेन्द्र तिवारी पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज दिल्ली के द्वारका स्थित वेंकटेश्वर हॉस्पिटल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
बताया गया कि स्व. तिवारी का अंतिम संस्कार धार्मिक परंपराओं के अनुसार वाराणसी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर सम्पन्न कराया गया, जहां बड़ी संख्या में परिजन, शुभचिंतक एवं समाजसेवी मौजूद रहे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्व. देवेन्द्र तिवारी अपने समय के एक प्रभावशाली श्रमिक नेता रहे। उन्होंने झारखंड स्थित आईईएल गोमिया में मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाया और श्रमिकों के हितों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, स्पष्टवादिता और समाज के प्रति समर्पण की भावना झलकती थी।
उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और साहित्यिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साहित्यकार एवं श्रमिक नेता प्रभुनारायण पांडेय ‘प्रेमी’, श्री राम जानकी मंदिर गुरुघाट के महंत संजय दास महाराज, सभा के प्रदेश अध्यक्ष शर्मानंद पांडेय, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शिवम तिवारी, जिलाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, ब्राह्मण चेतना मंच के विशाल उपाध्याय, रणविजय सिंह, अजय पांडेय, अशोक कुमार तिवारी, बंशीधर पाठक, श्रीराम मिश्र, मनोज पांडेय सहित अनेक लोगों ने शोक संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वक्ताओं ने कहा कि स्व. देवेन्द्र तिवारी का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों का उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
