






बरदह। थाना क्षेत्र के बैरी चंद्र गांव में मनरेगा कार्य को लेकर विवाद बढ़ गया। शनिवार को दर्जनों महिला और पुरुष मजदूर फावड़ा व तसला लेकर थाना बरदह पहुंचे और गांव के दो लोगों पर कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
शिकायती पत्र देने पहुंचीं मनरेगा मजदूर श्याम दुलारी पत्नी स्व. लालचंद्र ने आरोप लगाया कि गांव की देवरानी पोखरी पर करीब 70 महिला एवं पुरुष मजदूर खुदाई कार्य कर रहे थे। इसी दौरान गांव के शिवम सिंह और शिवांग सिंह मौके पर पहुंचे और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कार्य को फर्जी बताकर मजदूरों को काम करने से रोकने लगे। आरोप है कि दोनों लोग पहले भी कई बार मौके पर पहुंचकर फोटो खींचते हुए काम बंद कराने का दबाव बना चुके हैं।
वहीं दूसरे पक्ष के शिवांग सिंह का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा पोखरी पर बच्चों से मनरेगा का कार्य कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जब वह मौके पर फोटो खींच रहे थे तो ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने मारने के लिए दौड़ा लिया।
ग्राम प्रधान रामसकल राजभर ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग विकास कार्यों का लगातार विरोध कर रहे हैं और मजदूरों को धमकी देकर काम प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में जिलाधिकारी को भी शिकायत दी जा चुकी है, जिसके बाद जांच कराई गई थी।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
