






आजमगढ़। जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते 25 वर्ष पुराने मारपीट और धमकी के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास एवं 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह फैसला मंगलवार को स्पेशल जज एससी/एसटी कोर्ट आजमगढ़ ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तहबरपुर थाना क्षेत्र के देवकली गांव निवासी शिव कुमार यादव पुत्र स्वर्गीय कोमल यादव ने 7 मार्च 2001 को थाना तहबरपुर में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही राजेन्द्र राम पुत्र बीपत राम, राजकुमार पुत्र बीपत राम तथा राम प्रसाद पुत्र मलेश्वर ने जमीनी विवाद को लेकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना तहबरपुर में मु0अ0सं0 79/2001 धारा 323, 504, 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी राजेन्द्र राम, राजकुमार तथा राम प्रसाद को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को तीन वर्ष के साधारण कारावास और 13-13 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुराने लंबित मामलों में तेजी से प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का कार्य लगातार जारी है।
