






आजमगढ़। गहजी स्थित माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में मंगलवार को सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वान ब्राह्मणों के सम्मान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्वानों, संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। समारोह के दौरान सनातन संस्कृति, संस्कृत भाषा और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु आश्रम अंबेडकरनगर के महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी, मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास जी महाराज तथा मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह, निदेशक संजय सिंह, सौरभ सिंह, प्राचार्य डॉ. दिवाकर सिंह एवं राममिलन सिंह ने मंचासीन अतिथियों सहित सैकड़ों ब्राह्मणों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
समारोह के दौरान अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सुभाष चन्द्र तिवारी ‘कुन्दन’ तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय ‘सरस’ ने विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह को धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया। वहीं ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष ब्रजेश नंदन पांडेय ने भी आयोजक के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव ज्ञान, तप और त्याग का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने हर दौर में समाज को दिशा देने और राष्ट्र को मजबूत बनाने का कार्य किया है। तमाम आरोपों और चुनौतियों के बावजूद ब्राह्मण समाज आज भी सम्मान के सर्वोच्च स्थान पर है। उन्होंने इस अनूठे आयोजन के लिए प्रबंधक फौजदार सिंह की प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी ने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करना ब्राह्मणों का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में ब्राह्मण को पृथ्वी का देवता कहा गया है, इसलिए समाज को अपने ब्राह्मणत्व और सांस्कृतिक मूल्यों की पहचान बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने आयोजक फौजदार सिंह के इस प्रयास को “राजर्षि जैसा कार्य” बताते हुए इसकी सराहना की।
इस अवसर पर भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू, कवि प्रभुनारायण पांडेय ‘प्रेमी’, साहित्यकार सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुन्दन’, ब्रजेश नंदन पांडेय, कवि संजय कुमार पांडेय ‘सरस’, मुन्ना बाबा, डॉ. दीपक पांडेय, डॉ. ए.के. मिश्र, डॉ. शरद कुमार मिश्र एवं अशोक कुमार पांडेय समेत कई वक्ताओं ने सनातन संस्कृति, सामाजिक संस्कार और समाज के सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन अधिवक्ता दिवाकर सिंह ने किया।
इस दौरान भाजपा नेता मनीष मिश्र, बसपा नेता अरुण पाठक, तारकेश्वर मिश्र, अरविंद पाठक, अशोक पाठक, रामबली पांडेय, सत्यम गुरु, हरिनाथ तिवारी शास्त्री, सुभाष शास्त्री, शिवम तिवारी, हरीश तिवारी, जयराम उपाध्याय, मनोज त्रिपाठी, हरीश पाठक, दीनानाथ मिश्र, वेदप्रकाश पाठक, आनंद मणि चतुर्वेदी, पंचदेव पांडेय सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
