



आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र में ग्राम प्रधान के परिवार से जुड़े एक व्यक्ति को पुराने हत्या के मुकदमे में गवाही न देने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर में कोरिया गांव निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनकी पत्नी वर्तमान में गांव की प्रधान हैं और उनका परिवार लंबे समय से ग्राम प्रधान पद से जुड़ा रहा है। वीरेंद्र यादव के अनुसार वर्ष 2017 में उनके भाई धर्मेंद्र यादव की हत्या कर दी गई थी, जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। वह इस मामले में गवाह हैं और नियमित रूप से न्यायालय में उपस्थित होते हैं।
आरोप है कि हत्या के मुकदमे में गवाही और पैरवी को लेकर लगातार उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित के अनुसार 30 मई 2026 को वह एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के समीप कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए मुकदमे में सुलह करने का दबाव बनाया और धमकी दी कि यदि समझौता नहीं किया तो उनके भाई की तरह उनकी भी हत्या कर दी जाएगी।
वीरेंद्र यादव ने तहरीर में कहा है कि वह आरोपियों की धमकियों से भयभीत हैं। उनका राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों के सिलसिले में दिन-रात आना-जाना लगा रहता है, जिससे उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजन यादव, प्रमोद यादव, विशाल, मंगल, निखिल यादव, नीरज यादव तथा अरविंद यादव समेत सात नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक उदय शंकर तिवारी को सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। �
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