बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, सीसीटीवी फुटेज आया सामने, 8 वर्षीय बालक से मारपीट के मामले में दो गिरफ्तार, खतना की अफवाह निकली झूठी

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आजमगढ़। कप्तानगंज कस्बे में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब 8 वर्षीय बालक के साथ मारपीट की घटना सामने आई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। वहीं घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित खतना किए जाने की चर्चा को पुलिस ने जांच में पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा कप्तानगंज निवासी रिंकू सोनी का 8 वर्षीय पुत्र आयुष सोनी 4 जून की शाम करीब 6:20 बजे ढोड़ई दास की कुटी के पास अपने साथियों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद की जानकारी मिलने पर मंसूर अली, उसका पुत्र करीम तथा एक अन्य बालक मौके पर पहुंच गए और आयुष के साथ मारपीट की। घटना में बालक को पेट और गुप्तांग के पास चोटें आईं तथा उसकी तबीयत बिगड़ गई।
घटना के बाद परिजन घायल आयुष को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उसका उपचार चिकित्सकीय निगरानी में चल रहा है।
पीड़ित के पिता रिंकू सोनी की तहरीर पर थाना कप्तानगंज में मुकदमा संख्या 170/2026 दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 3(5), 109(1), 351(3) एवं 352 बीएनएस के तहत अपराध पाए जाने पर आवश्यक विधिक संशोधन भी किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने 6 जून की सुबह करीब पांच बजे छाता का पुरा ओवरब्रिज के पास सर्विस लेन से आरोपी मंसूर अली (45 वर्ष) और करीम (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही एक 13 वर्षीय बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों और बाल अपचारी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय एवं किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मंसूर अली के विरुद्ध पूर्व में भी वर्ष 2022 में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है।
इधर घटना के बाद सोशल मीडिया पर बालक के साथ खतना किए जाने संबंधी कुछ भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जाने लगीं। इस पर कप्तानगंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि बालक का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है तथा डॉक्टरों से प्राप्त रिपोर्ट में खतना किए जाने जैसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार इस संबंध में प्रसारित की जा रही सूचनाएं प्रथम दृष्टया असत्य, भ्रामक और निराधार पाई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई है तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। मामले की विवेचना जारी है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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