
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 28 जुलाई 2026 को राजधानी लखनऊ में विधानसभा मार्च करेंगे। इस संबंध में आजमगढ़ कोटेदार संघ ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम की जानकारी दी। संघ के अनुसार प्रदेशभर के कोटेदार सुबह 10 बजे चारबाग स्थित रवीन्द्रालय के सामने एकत्र होंगे और वहां से शांतिपूर्ण पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे।
कोटेदार संघ का कहना है कि वे शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें केवल 90 रुपये प्रति कुंतल का लाभांश मिल रहा है। उनका आरोप है कि अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में मिलने वाला लाभांश काफी कम है। संघ के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली में 200 रुपये प्रति कुंतल, गोवा में 230 रुपये प्रति कुंतल लाभांश दिया जा रहा है, जबकि गुजरात में कोटेदारों के लिए न्यूनतम आय गारंटी की व्यवस्था भी लागू है।
संघ का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा लाभांश में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। आर्थिक संकट के कारण प्रदेश के हजारों कोटेदारों में असंतोष बढ़ रहा है। इसलिए सरकार से लाभांश में बढ़ोतरी के साथ-साथ कोटेदारों के लिए न्यूनतम आय गारंटी लागू करने की मांग की जा रही है।
कोटेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के करीब 80 हजार कोटेदार अगस्त 2026 के खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार करेंगे और राशन वितरण सहित सभी कार्यों से स्वयं को अलग कर लेंगे।
जिला अध्यक्ष विजय कुमार राय ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान कोटेदारों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। वहीं मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि समय रहते समाधान होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली भी प्रभावित नहीं होगी और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
