आजमगढ़ के 14 केंद्रों पर शुरू हुई तीन दिवसीय UPTET परीक्षा, पांच पालियों में 32,160 अभ्यर्थी होंगे शामिल, हर पाली में 6,432 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा, डीएम-एसएसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन गुरुवार से शुरू हो गया। तीन दिवसीय यह परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। पहले दो दिनों में दो-दो पालियों तथा अंतिम दिन एक पाली में परीक्षा होगी। जिले में कुल पांच पालियों में 32,160 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि प्रत्येक पाली में 6,432 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताते हुए परीक्षा केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
परीक्षा को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी 14 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू की है। इस दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर फोटोस्टेट और कॉपी की दुकानों को भी बंद कराया जा सकता है।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और एक केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती की गई है। इसके अलावा 335 बाह्य कक्ष निरीक्षक और 50 रिजर्व कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, पेजर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूरी तरह रोक है।
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संपन्न हो रही है। अभ्यर्थियों को गर्मी से राहत देने के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराई जा रही है। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में गड़बड़ी करने या गिरोहबंद तरीके से नकल कराने का प्रयास करता है तो सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।

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