
आजमगढ़ महराजगंज नगर पंचायत क्षेत्र स्थित बाबा मंदिर/भैरो बाबा मंदिर परिसर में कराए गए सुंदरीकरण एवं विकास कार्यों से जुड़ी सूचनाएं आरटीआई के तहत मांगी गई थीं। अपीलकर्ता जितेंद्र मौर्य द्वारा आवेदन दिए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई। आयोग ने पाया कि पूर्व में भी कई अवसरों पर सूचना उपलब्ध कराने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित अधिकारी ने उनका पालन नहीं किया। इसे सूचना का अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत मानते हुए आयोग ने धारा 20(1) के तहत 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
आयोग ने जिला कोषाधिकारी, आजमगढ़ को निर्देश दिया है कि अर्थदंड की वसूली होने तक संबंधित अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका जाए। साथ ही अधिशासी अधिकारी को 20 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर मांगी गई सूचना और लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा आयोग ने जिलाधिकारी, आजमगढ़ से भी इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग की इस कार्रवाई को आरटीआई कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आर एन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट
