
गोरखपुर/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का निवासी था और चर्चित बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। उसके मारे जाने से पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय एक बड़े अपराधी का अंत हो गया।
पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल किसी वारदात को अंजाम देने के लिए कुशीनगर की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र में रामनगर कड़जहां फोरलेन के पास संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एसटीएफ का एक मुख्य आरक्षी गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुस्तफिजुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घायल मुख्य आरक्षी का इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मुस्तफिजुल रहमान पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट समेत करीब 10 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह महाराष्ट्र के अमरावती से पुलिस हिरासत से भी फरार हो चुका था, जिसके बाद से वह लगातार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या के बाद से वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में लगातार दबिश दी जा रही थी। एसटीएफ भी काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। पूरे मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मुस्तफिजुल रहमान के एनकाउंटर को पूर्वांचल में संगठित अपराध के खिलाफ एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
