
आजमगढ़। सामाजिक समरसता, संविधान की रक्षा और जातिगत भेदभाव के खिलाफ जनजागरण का संदेश लेकर निकली समता मूलक संघ की सामाजिक न्याय यात्रा शनिवार को आजमगढ़ पहुंची। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक समानता तथा संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समता मूलक संघ के संयोजक अभिषेक जाटव ने बताया कि संगठन मूल रूप से एक सामाजिक संगठन है, जो पहले, साहू, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों एवं मिशन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत तीन वर्ष पहले हुई थी। पहली सामाजिक न्याय यात्रा बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली महू (मध्य प्रदेश) से निकाली गई थी। इसके बाद दूसरी यात्रा महाराष्ट्र स्थित बाबा साहब के महापरिनिर्वाण स्थल से शुरू हुई। वर्तमान में तीसरे चरण की यात्रा संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से प्रारंभ होकर जौनपुर और गाजीपुर होते हुए आजमगढ़ पहुंची है।
अभिषेक जाटव ने बताया कि आजमगढ़ के बाद यात्रा सुल्तानपुर और अमेठी जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और चार संविधान सभा सीटों तक यह यात्रा पहुंचकर सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के प्रति लोगों को जागरूक करेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है। उद्देश्य केवल समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, शोषण और सामाजिक विषमता को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं, प्रशासन और पुलिस को आम लोगों के प्रति अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनने की आवश्यकता है।
राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश में एनडीए और इंडिया गठबंधन मौजूद हैं, उसी प्रकार एक मजबूत तीसरे मोर्चे की भी आवश्यकता है, जो सामाजिक न्याय और आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाए।
यात्रा में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने सामाजिक एकता, संविधान की रक्षा और समान अधिकारों के समर्थन में लोगों से आगे आने का आह्वान किया।
