बारिश में जानलेवा बने सड़क किनारे ट्रांसफार्मर और खुले अंडरग्राउंड केबल बॉक्स, करंट की चपेट में आकर बछड़े की मौत; शहर की बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल

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आजमगढ़। बरसात के मौसम में शहर की बिजली व्यवस्था लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। एक ओर ओवरलोडिंग और लगातार लोकल फॉल्ट से उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर और खुले पड़े अंडरग्राउंड केबल बॉक्स हादसों को दावत दे रहे हैं। बुधवार सुबह पुरानी सब्जी मंडी चौराहे के पास करंट फैलने से एक छुट्टा बछड़े की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई।

जानकारी के अनुसार शहर के बीच स्थित पुरानी जेल फीडर से हरबंशपुर, बागेश्वर नगर, रोडवेज, अनन्तपुरा, कटरा, पुरानी सब्जी मंडी और सदावर्ती मोहल्ला सहित बड़े इलाके में बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन इस फीडर पर आए दिन लोकल फॉल्ट और तकनीकी खराबी बनी रहती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार एक घंटे तक लगातार बिजली मिलना भी मुश्किल हो जाता है। यदि फीडर सही रहता है तो मुख्य लाइन में खराबी आ जाती है, जिससे आपूर्ति बार-बार बाधित होती रहती है।

बुधवार सुबह पुरानी जेल फीडर से जुड़े पुरानी सब्जी मंडी चौराहे के पास लगे ट्रांसफार्मर में करंट लीकेज हो गया। बारिश के कारण ट्रांसफार्मर के आसपास जमा कचरे और कीचड़ में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर एक छुट्टा बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद एहतियातन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बंद करनी पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के बगल में पूरे मोहल्ले का कूड़ा फेंका जाता है, जहां बड़ी संख्या में छुट्टा पशु हर समय मौजूद रहते हैं। यही नहीं, नगर पालिका के सफाई कर्मी भी समय-समय पर जेसीबी, ट्रक और फावड़ों की मदद से यहां सफाई अभियान चलाते हैं। ऐसे में ट्रांसफार्मर और खुले बिजली उपकरणों के बीच सफाई कार्य करना कर्मचारियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार को बछड़ा करंट की चपेट में आया, लेकिन अगर उसी समय कोई सफाईकर्मी या राहगीर वहां होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

हालांकि ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा के लिए शील्ड लगाई गई है, लेकिन इसके बावजूद करंट का फैलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह स्थान शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां पूरे दिन लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ट्रांसफार्मर के ठीक बगल में अंडरग्राउंड बिजली केबल का बड़ा बॉक्स लंबे समय से खुला पड़ा है। बारिश के दौरान इसमें पानी भर जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में ऐसे खुले बॉक्स लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

सामने रहने वाले स्थानीय निवासी दिलीप अग्रवाल ने बताया कि यहां अंडरग्राउंड बिजली केबल बेहद खतरनाक स्थिति में है। कई बार केबल से धुआं निकलता देखा गया है। हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए, लेकिन शिकायतों के बावजूद इसे स्थायी रूप से ठीक करने का प्रयास नहीं किया जाता।

लोगों का कहना है कि शहर में करोड़ों रुपये की लागत से अंडरग्राउंड केबल बिछाई गई थी ताकि बिजली व्यवस्था बेहतर हो और दुर्घटनाएं कम हों, लेकिन खराब गुणवत्ता और नियमित रखरखाव के अभाव में यही व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। फॉल्ट होने पर कर्मचारी केवल अस्थायी मरम्मत कर चले जाते हैं, जबकि स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खुले पड़े अंडरग्राउंड केबल बॉक्स तत्काल बंद कराए जाएं, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, करंट लीकेज की नियमित जांच कराई जाए और बरसात के मौसम में विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर संभावित हादसों को रोका जाए।

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