फ्री मूवी-वेब सीरीज डाउनलोड के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 3.5 लाख की नई बुलेट, आईफोन और फर्जी आधार कार्ड बरामद

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आजमगढ़। साइबर सेल और महाराजगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार कर साइबर अपराध के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फ्री में नई फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड कराने के नाम पर एपीके (APK) फाइल वाले लिंक भेजता था। लिंक पर क्लिक करते ही लोगों के मोबाइल फोन हैक हो जाते थे और उनके बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर ठगी की रकम से खरीदी गई करीब 3.5 लाख रुपये की नई बुलेट मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड और नकदी बरामद की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में साइबर सेल और महाराजगंज पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को एटीएम के माध्यम से निकालने वाला एक आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल से सहदेवगंज होते हुए महाराजगंज की ओर आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रतापपुर पुलिया के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया। कुछ देर बाद बुलेट से आते एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में उसके पास से एक सैमसंग मोबाइल फोन, एक आईफोन, एक कूटरचित आधार कार्ड तथा 1,330 रुपये नकद बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने कृष्णा कुमार (28 वर्ष) पुत्र राजदेव राम, निवासी नौबरार त्रिपुरारपुर खालसा, थाना महाराजगंज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ बड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को फर्जी आधार कार्ड के जरिए जनसेवा केंद्रों से निकालने का काम करता था। उसने बताया कि उसके पास से बरामद आईफोन उसके साथी आशीष कुमार, निवासी न्यू जक्कनपुर, मीठापुर, पटना (बिहार) का है। इस फोन का इस्तेमाल म्यूल खातों में फर्जी तरीके से पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर आने वाले ओटीपी प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री में नई फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड कराने के नाम पर एपीके (APK) फाइल वाले लिंक पोस्ट करता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता, उसके मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता और मोबाइल हैक हो जाता था। इसके बाद पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकालकर म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। बाद में एटीएम के जरिए नकदी निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
साइबर ठगी के पैसों से खरीदी थी नई बुलेट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने साइबर ठगी से अर्जित धनराशि से करीब 3.5 लाख रुपये की नई बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, एक कूटरचित आधार कार्ड और नकदी भी बरामद की गई है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि साइबर ठगी में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी धनराशि की ठगी की है।
इस कार्रवाई में महाराजगंज थाना के उपनिरीक्षक राहुल कुमार, कांस्टेबल रतीश तिवारी, आरक्षी चालक फहीम अंसारी तथा साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रविप्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, मुकेश भारती और कांस्टेबल सत्येन्द्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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