
आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व्योहारा के चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जनपद के 76 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 1,985 मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत कर उपचार, दवा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक मरीज को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लालगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व्योहारा के निरीक्षण में चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र गुप्ता और फार्मासिस्ट धीरज उपाध्याय बिना अनुमति अनुपस्थित मिले। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सीएमओ ने दोनों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने और उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिना अनुमति अनुपस्थित रहना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेवार के निरीक्षण में सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित मिले, लेकिन अस्पताल परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सीएमओ ने तत्काल घास और गंदगी हटाकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि स्वच्छ वातावरण भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके पश्चात उन्होंने 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज का निरीक्षण कर इमरजेंसी सेवाओं का जायजा लिया। यहां व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं तथा अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुरजीत सिंह सहित सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उपस्थित पाए गए।
सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी 76 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों) पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 1,985 मरीजों का पंजीकरण कर निःशुल्क जांच और उपचार किया गया। इनमें 866 पुरुष, 848 महिलाएं और 271 बच्चे शामिल रहे। मेले में 79 चिकित्सकों और 271 पैरामेडिकल स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं तथा 47 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
उन्होंने बताया कि मेले में 303 गैस्ट्रो, 303 मधुमेह, 228 त्वचा रोग, 154 श्वसन रोग, 88 उच्च रक्तचाप, 31 लीवर रोग, 26 एनीमिया और 16 टीबी के मरीजों का उपचार किया गया। इसके अलावा 85 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, 120 कुपोषित बच्चों की पहचान, 198 लोगों की कोविड हेल्प डेस्क पर जांच तथा 6 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आमजन को घर के निकट निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रत्येक रविवार समयबद्ध उपस्थिति, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
